JalandharPunjab

जात पात की नही मानवता के लिये सँघर्ष करते रहेंगे हम–आरती राजपूत

मानव अधिकार के लिये सँघर्ष करती आ रही हूं और हमेशा करती रहूंगी
जालन्धर (अमरजीत सिंह लवला)
मानवता के लिये सँघर्ष करती आ रही अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार ऑब्जर्वस हमेशा मानव अधिकारों की पहल के आधार पर काम करती आई हूं और करती रहूंगी। यह बात राष्ट्रीय महासचिव आरती राजपूत ने जालन्धर पँजाब प्रेस क्लब में पत्रकारों को सम्बोधित करते हुए कही।
उन्होंने कहा कि पिछले कई दिनों से जालन्धर में जिस प्रकार से आपराधिक घटनाएं बढ़ती जा रही है, उससे जालन्धर पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े होते जा रहे हैं। हर जालन्धर निवासी एक दहशत भरी जिंदगी जीने को मजबूर है। लेकिन पुलिस प्रशासन इस ओर बिल्कुल ध्यान नही दे रहा। जिसके लिए वे ऑब्जर्वर्स की वर्ल्ड चेयरपर्सन व वर्ल्ड निदेशक यतीश शर्मा से बात कर पब्लिक पुलिस मधुर बनाने के लिये पँजाब के हर जिले में एक सेमिनार करवाने का प्रोग्राम बनाएगी।
आरती राजपूत ने कहा कि पिछले दिनों जालन्धर के रहने वाले प्रिंस रंधावा से बात हुई जिसने बतलाया कि उनकी शादी 4 माह पूर्व परिवार की रजामंदी से हुई। क्योंकि मेरी पत्नी एक छोटे वर्ग से संबंध रखती है। और उनके पिता का ध्यान्त हो चुका था। इस लिये इन्होंने अपनी क्षमता से ऊपर जाकर शादी का खर्च किया । लेकिन मेरे परिवार में मेरे पिता माता व मेरी बहन और जीजा ने दहेज के नाम पर मेरी पत्नी को छोटे वर्ग की होने के नाते उसे व उसके वर्ग को उल्टा सीधा बोलना शुरू कर दिया और मुझे भी मेरी पत्नी को तलाक देने का जोर डाला पर जब मैने उन्हें तलाक लेने से मना कर दिया तो मुझे उन्होंने बेदखल कर दीया। जिसमें मेरे परिवार के लोग एकजुट हो गए और उन्होंने मुझे धमकी भी दी। जिसके चलते मेने कई बार पुलिस को शिकायत की पर उन्होंने मेरी कोई सुनवाई नही हुई यहां तक कि मुझे पुलिस के उच्च अधिकारियों से मिलने नही दिया जाता।
प्रिंस रंधावा ने कहा कि जब मुझे इंसाफ की कोई उम्मीद नही नजर आई तो मैने अपनी पत्नी के साथ मिलकर आत्महत्या करने की सोची। यहाँ तक कि मुझे मानसिक रूप से इतना परेशान कर दिया कि मेरी मानसिक स्थिति पर असर पहुचने लगा। ओर मुझे यह लगा कि मुझे न्याय नही मिलेगा। लेकिन तभी मेरी मुलाकात अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार की राष्ट्रीय महासचिव आरती राजपूत से हुई और उन्होंने मुझे विशवास दिलवाया की वे उन्हें पूरा इंसाफ दिलवाएंगे।
उनसे मिलने के बाद मुझे पुलिस कमिश्नर से भी मिलने का मौका मिला। और मुझे पुलिस कमिश्नर ने मेरी बात सुनने के बाद उन्होंने विश्वास दिलाया कि उनके साथ नाइंसाफी नही होगी। लेकिन अभी तक पुलिस द्वारा कोई भी उचित कारवाई शुरू नही हुई, जिसके कारण मुझे मीडिया के सामने आना पड़ा।
प्रिंस रंधावा की पत्नी ने कहा कि क्या छोटी जात में उसका जन्म लेना गुनाह है, और जब मेरे पति को मेरी छोटी जात की होने पर एतराज नही तो इतनी बाते बढ़ाने का क्या फायदा। पिछले कई महीनों से में इंसाफ के लिए अपनी इज्जत दाव पर लगा कर लड़ रही हूं। पर मेरी कोई सुनवाई नही हो रही। हमारे देश का कानून क्या एक लड़की की इज्जत के लिये नही है। पँजाब हरियाणा हाईकोर्ट के आदेशों को भी जालन्धर पुलिस ने मजाक में लिया हुआ है। जिसका मुझे बहुत दुख है। कभी में अपनी इज्जत की ओर देखती हूँ तो कभी अपने कानून की तरफ
देश मे कितने ऐसे केस होंगे जिनको इंसाफ ना मिलने के कारण समाज मे जलील होना पड़ा होगा। उन्होंने कहा कि मेरे ससुर, सास, नन्द ओर नन्दोईये ने जो मुझे मेरी जात को लेकर टिप्पणी की है। में अपनी छोटी जात की बहनों के लिए में इंसाफ लेकर रहूंगी ताकि उन्को किसी के सामने जलील ना होना पड़े।
इस पत्रकार सम्मेलन में अंतर्राष्ट्रीय मानव अधिकार ऑब्जर्वस पँजाब के महासचिव कुणाल, जालन्धर के प्रधान अश्विनी, महासचिव गौरव, परविंदर आदि गणमान्य लोग मौजूद थे।

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