Punjab

पिम्स अस्पताल की लापरवाही के कारण 24 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद कानूनी कार्रवाई की मांग

पिम्स अस्पताल में अपनी जान गंवाने वाले 24 वर्षीय व्यक्ति की मौत के बाद की खबर से राज्य भर में फैल गई सनसनी
जालंधर (अमरजीत सिंह लवला, ग्लोबल आजतक)
जालंधर पिम्स अस्पताल में अपनी जान गंवाने वाले 24 वर्षीय व्यक्ति की मौत की खबर के बाद, राज्य भर में सनसनी फैल गई, अंगद दत्ता युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने उसी के खिलाफ मुख्यमंत्री कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। साथ ही उन्होंने इलाज में कथित लापरवाही और मरीज के परिजनों के साथ बदसलूकी करने वाले अस्पताल प्रशासन के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
दत्ता ने कहा कि, “उन्हें गुरसेवक सिंह की मां श्रीमती कमलजीत कौर का फोन आया, जो कोविड-19 से पीड़ित था। और बाद में जिसकी मृत्यु हो गई। उनके अनुसार, पिम्स अस्पताल के लापरवाहीपूर्ण आचरण के कारण उसकी मृत्यु हुई, जहां राधा रानी नाम की एक अन्य मरीज, जो कुछ दिन पहले ही अस्पताल के कर्मचारियों की लापरवाही के कारण कोविड -19 से अपनी लड़ाई हार गई थी।
गुरसेवक को नवांशहर से रेफर किए जाने के बाद उनकी मां ने उसे पिम्स अस्पताल में भर्ती कराया, जहां वह कोविड पॉजिटिव पाया गया। इसके बाद वह लगातार अस्पताल में बदसलूकी की शिकायत करने लगा। उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और उसने अपनी मां को व्हाट्सएप पर मैसेज करते हुए लिखा, कि उसे वहां ऑक्सीजन नहीं दी जा रही है। उसने अपना वीडियो अपनी मां को भी भेजा था। जिसमें वह स्पष्ट रूप से कहता है, कि “मैं मर जाना” और उसमे उसे सांस लेने के लिए संघर्ष करते हुए भी देखा गया था।
जब उसकी मां ने डॉक्टर शर्मा से इसके बारे में पूछने की कोशिश की, तो उन्होंने कथित तौर पर उसके साथ दुर्व्यवहार किया और “मैं तेरे थप्पड़ मारना” कहने की हद तक चला गया, और कहा की इलाज में कुछ भी गलत नहीं है। अंतत: उसका बेटा जो बार-बार रो रहा था, कि मैं मर जाऊंगा, उसी दिन सुबह-सुबह मौत के घाट उतर गया।
दत्ता ने कहा की एक माँ होने के नाते कमलजीत कौर को अपने बेटे के स्वास्थ्य की चिंता थी, और उसकी यह चिन्ता डॉक्टर के इस तरह के व्यवहार के लायक नहीं थी। उन्होंने कहा, अपने बेटे की जान बचाने के लिए अस्पताल में तड़प रही मां को धमकी देना अस्वीकार्य है, और चिकित्सा पेशे की नैतिकता के खिलाफ है।
दत्ता ने कहा कि, डॉ. शर्मा का अनैतिक व्यवहार स्पष्ट रूप से चिकित्सा आचार संहिता का उल्लंघन है, जिसका पालन करने के लिए हर एक डॉक्टर प्रतिबद्ध होता है। डॉक्टर-मरीज का रिश्ता आपसी विश्वास और सम्मान पर आधारित होता है। इसलिए इस तरह के व्यवहार की निंदा की जानी चाहिए।
डॉ. शर्मा के खिलाफ पहले भी दुर्व्यवहार की शिकायतें दर्ज की गई हैं, जो मानते हैं कि एक मरीज की मां को थप्पड़ मारना उसके अधिकार में है ? दत्ता ने अधिकारियों से अनुरोध करते हुए मामले पर तत्काल ध्यान देने की मांग की और कहा कि, “गलती करने वालों को जल्द से जल्द कानून के अनुसार सजा मिलनी चाहिए।

Sidhi Galbaat
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