Punjab

पीएम केयर फंड द्वारा भेजे गए दोषपूर्ण वेंटिलेटर के खिलाफ विरोध प्रदर्शन।

पीएम केयर फंड के माध्यम से भेजे गए 320 वेंटिलेटरों में से 280 गैर कार्यात्मक पाए गए।
जालंधर (अमरजीत सिंह लवला)
पंजाब मे कोविड -19 के मामले लगातार बढ़ने के कारण यहाँ के बुनियादी मेडिकल ढांचे पर लगातार दबाव बढ़ता जा रहा है। इसी बीच केंद्र द्वारा तीन सरकारी मेडिकल कॉलेजों के लिए पीएम केयर फंड के माध्यम से भेजे गए 320 वेंटिलेटरों में से 280 गैर कार्यात्मक पाए गए। अंगद दत्ता शहर के युवा कांग्रेस अध्यक्ष ने उसी का विरोध प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार की कढे शब्दों में निंदा की। उन्होंने इस कठिन समय में केंद्र सरकार को आग्रह करते हुए कहा, कि वह अब इस गंदी राजनीति से बचें और अपना सारा ध्यान लोगों की जानें बचाने में लगाएं।
इस परीक्षा की घड़ी में जहां अस्पताल पहले से ही चिकित्सा उपकरणों की कमी से जूझ रहे हैं, वहां गैर-कार्यात्मक और दोषपूर्ण मशीनें मिलना राज्य के स्वास्थ्य सेवाओं पर और भार डाल रहा है। जहां अस्पतालों में पहले से ही स्टाफ की कमी है वहां यह अस्पताल कर्मचारियों पर मशीनों की मरम्मत करवाने और उनका सावधानी के साथ प्रयोग करने का दबाव बढ़ा रहा है। पंजाब के कोविड -19 प्रतिक्रिया और खरीद समिति के पेशेवर सलाहकार, डॉ राजबहादुर ने कथित तौर कहां है की, “वेंटिलेटर अभी भी उपयोग करने के लिए नहीं रखे गए हैं क्योंकि एनेस्थेटिस्ट आश्वस्त नहीं हैं कि वे महत्वपूर्ण समय पर ठीक से काम करेंगे या नहीं”।
उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज ऑफ पटियाला को 98 वेंटिलेटर मिले, जबकि अमृतसर और फरीदकोट के मेडिकल कॉलेजों को क्रमश-109 और 113, लेकिन यह पाया गया कि उनमें से केवल 35 वेंटिलेटर ही उपयोग करने के लायक हैं।
अंगद दत्ता ने कहा, “इस महत्वपूर्ण समय में जब दुनिया एक महामारी के दौर से गुजर रही है, केंद्र को राजनीति नहीं करनी चाहिए, और देश के सभी राज्यों में कोरोना मामलों की तेजी से बढ़ती संख्या पर रोक लगाने के लिए उपाय सोचने चाहिए, फिर चाहे उस राज्य में किसी भी पार्टी का शासन क्यों ना हो।” उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार जानबूझकर पंजाब सरकार पर कोविड संकट के दौरान अनुचित दबाव बनाने की कोशिश कर रही है। क्योंकि पहले भी पंजाब को पड़ोसी बीजेपी शासित राज्य हरियाणा की तुलना में वैक्सीन की खुराक और ऑक्सीजन सिलेंडर की पर्याप्त मात्रा नहीं मिली थी।
उन्होंने कहा कि इस मामले की न्यायिक जांच की जानी चाहिए, और गलत काम करने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाना चाहिए, क्योंकि इस लापरवाही से मानव जीवन को भारी नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।

Sidhi Galbaat
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