Punjab

मन के सुंदर बगीचे में सकारात्मक विचारों के फूल खिलाएं- नवजीत भारद्वाज

मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी में करवाया श्रृंखलाबद्ध सप्ताहिक मां बगलामुखी हवन यज्ञ
जालंधर (अमरजीत सिंह लवला)
मां बगलामुखी धाम नजदीक लम्मां पिंड चौंक होशियारपुर रोड़ पर स्थित गुलमोहर सिटी में धाम के संस्थापक एवं संचालक नवजीत भारद्वाज की अध्यक्षता में साप्ताहिक मां बगलामुखी हवन यज्ञ करवाया गया। सबसे पहले पं. अविनाश गौतम एवं पं. पिंटू शर्मा ने नवग्रह, पंचोपचार, षोढषोपचार, गौरी, गणेश, कुंभ पूजन, मां बगलामुखी जी के निमति माला जाप कर मुख्य यजमान गौरव जैन से सपरिवार पूजा अर्चना उपरांत हवन यज्ञ में आहुतियां डलवाईं । इस यज्ञ में उपस्थित मां भक्तो को आहुतियां डलवाने के बाद नवजीत भारद्वाज ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि परमात्मा की बनाई इस सृष्टि में गुण और अवगुण दोनों हैं। एक साधक केवल गुणों को धारण करता है और अवगुणों का परित्याग कर देता है। इसलिए उन गुणों के बारे में जानना जरूरी है। सबसे पहला गुण है सकारात्मकता। एक शिष्य हमेशा सकारात्मक विचारों से परिपूर्ण होता है। वह नकारात्मकता में भी सकारात्मकता ही देखता है। उन्होने बताया कि मनुष्य का मन एक बगीचे की तरह होता है। यदि उसमें सुंदर फूल नहीं उगाएंगे तो खरपतवार खुद ही उग जाएंगे। कहने का भाव यह है कि यदि आप सकारात्मक विचारों की खेती नहीं करते तो नकारात्मक विचार स्वत: ही उगकर आपको नष्ट कर देंगे। नवजीत भारद्वाज ने जीवन के दो आयाम बताए। पहला जीवन की लंबाई और दूसरा जीवन की चौड़ाई। जीवन की लंबाई का मतलब व्यक्ति की आयु से है। एक मनुष्य जितने समय के लिए जीता है, वह उसके जीवन की लंबाई है। सभी चाहते हैं कि उनका जीवन लंबा हो यानी वे दीर्घायु हों। जीवन लंबा होने की यह कामना इसीलिए है कि हम अपनी कामनाओं, इच्छाओं को पूर्ण कर सकें। मात्र इंद्रियों के सुख को ही आज का इंसान अपने जीवन का आधार मानता है, परंतु ऐसे जीवन को महापुरुषों ने पशुवत जीवन की संज्ञा दी। इसलिए केवल लंबी आयु जीवन का आदर्श नहीं है। जीवन का दूसरा आयाम, जो चौड़ाई है, वह अधिक महत्वपूर्ण है। चौड़ाई यानी इस जीवन अविध में अपना विस्तार करना। अपने मन, चित्त और आत्मा का उत्थान करना। सक्रिय, कर्मशील, मेहनती, ईमानदार और नेकी भरा जीवन व्यतीत करना। इन बातों का स्मरण हमेशा रखना चाहिए।
हवन यज्ञ के दौरान सोशल डिस्टेंस एवं सैनेटाइज़ेशन का खा़स ध्यान रखा गया।
अवसर पर विक्रम भसीन, अमरेंद्र कुमार शर्मा,अश्विनी शर्मा, संजीव शर्मा, मुकेश चौधरी, गुरबाज सिंह, शैंकी, संजीव सांवरिया, मुनीश शर्मा, रोहित बहल, यज्ञदत्त, पंकज, मंजीत सैनी,राजेश महाजन, मानव शर्मा, बावा खन्ना, मोहित बहल, विकास अग्रवाल, राजीव, दिशांत शर्मा,अशोक शर्मा, प्रिंस,राकेश, ठाकुर बलदेव सिंह, प्रवीण, दीपक, सुनील जग्गी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। आरती उपरांत प्रसाद रूपी लंगर भंडारे का भी आयोजन किया गया।

Sidhi Galbaat
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