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मोक्ष तक पहुंचने का मार्ग है संन्यास–नवजीत भारद्वाज

हर धर्म सन्यास को किसी न किसी रूप में ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताता है

मां बगलामुखी धाम में करवाया श्रृंखलाबद्ध सप्ताहिक मां बगलामुखी हवन यज्ञ
जालंधर (ग्लोबल आजतक, अमरजीत सिंह लवला)
मां बगलामुखी धाम नजदीक स्थित गुलमोहर सिटी में धाम के संस्थापक एवं संचालक नवजीत भारद्वाज की अध्यक्षता में साप्ताहिक मां बगलामुखी हवन यज्ञ करवाया गया। सबसे पहले पं अविनाश गौतम एवं पं. पिंटू शर्मा ने नवग्रह, पंचोपचार, षोढषोपचार, गौरी, गणेश, कुंभ पूजन, मां बगलामुखी जी के निमति माला जाप कर मुख्य यजमान जतिन मल्होत्रा से पूजा अर्चना उपरांत हवन यज्ञ में आहुतियां डलवाईं ।

यज्ञ में उपस्थित मां भक्तो को आहुतियां डलवाने के बाद नवजीत भारद्वाज ने कहा कि मोक्ष तक पहुंचने का मार्ग सन्यास से होते हुए गुजरता है। धर्म में कही गई यह बात बिल्कुल सत्य है और लगभग हर धर्म सन्यास को किसी न किसी रूप में ईश्वर तक पहुंचने का मार्ग बताता है। यदि यह निर्णय जीवन के उस पड़ाव पर लिया जाए तब व्यक्ति वाकई उचित-अनुचित में से उचित का चुनाव करने के काबिल बन जाए।       

नवजीत भारद्वाज ने कहा कि परमात्मा को भिन्न-भिन्न नामों से पुकारे जाने के बावजूद परमात्मा एक ही है। ईश्वर निराकार है, सभी जगह समान रूप से विद्यमान है, स्थिर है, एक रस है। उन्होंने कहा कि जब व्यक्ति ईश्वर के निराकार रूप को जान लेता है, तभी वह ईश्वर को एक मान पाता है और जब एक मान लेते हैं तो स्वत: ही एक हो जाने वाला भाव जीवन में घटित हो जाता है। परमात्मा के निराकार रूप की पहचान कर लेना पहली सीढी मात्र ही है।

 

यहां से भक्ति की यात्रा का आरंभ होता है। ईश्वर संपूर्ण प्रकृति में इस प्रकार समाया हुआ है जैसे कि पत्थर में अग्नि यह दिखाई नहीं देती है। लेकिन, सद्गुरू द्वारा जब व्यक्ति को ईश्वर की अनुभूति हो जाती है तो वह हर इंसान में परमात्मा के दर्शन करने लगता है। सभी के प्रति हृदय में प्रेम जागृत हो जाता है और जीवन में समभाव का समावेश आ जाता है। आज पूर्णिमा के शुभ अवसर पर मां बगलामुखी जी के भक्त ने लाइट वाला मुकुट मां बगलामुखी जी को अर्पित किया।

हवन यज्ञ के दौरान सोशल डिस्टेंस एवं सैनेटाइज़ेशन का खा़स ध्यान रखा गया। इस अवसर पर एडवोकेट राज कुमार, अमरेंद्र शर्मा, समीर कपूर, मोहित बहल, अशोक शर्मा, रोहित बहल, बावा जोशी, राजेंद्र सहगल, गुलशन शर्मा, संजीव शर्मा, विक्रम भसीन, विक्रांत शर्मा, गुरबाज सिंह, गोपाल मालपानी, राजेश महाजन, राघव चढ्ढा, अश्विनी शर्मा, मानव शर्मा, बावा खन्ना, राजीव, राकेश, ठाकुर बलदेव सिंह, साबी, लक्की, सुनील जग्गी, प्रिंस, राजन पठानीया,पंकज, पप्पू, दीपक, बावा पनीर, प्रवीण सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे।
आरती उपरांत प्रसाद रूपी लंगर भंडारे का भी आयोजन किया गया।

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