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व्यक्ति धर्म करने से डरता है, पर पाप करने से नहीं—नवजीत भारद्वाज

मां बगलामुखी धाम में हुआ श्री शनिदेव महाराज के निमित्त श्रृंखलाबद्ध विशाल हवन यज्ञ
जालंधर (अमरजीत सिंह लवला)                                                   मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नजदीक लम्मां पिंड चौक में श्री शनिदेव महाराज के निमित्त श्रृंखलाबद्ध हवन यज्ञ का आयोजन मंदिर परिसर में किया गया। मां बगलामुखी धाम के संचालक एवं संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने बताया कि पिछले 11 वर्षों से श्री शनिदेव महाराज के निमित्त हवन यज्ञ जो कि नाथां बगीची जेल रोड़ में हो रहा था, इस महामारी के कारण वश अल्पविराम आ गया था, अब यह हवन पिछले लगभग 11 महीने से मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी में आयोजित किया जा रहा है। सर्व प्रथम मुख्य यजमानो से वैदिक रीति अनुसार गौरी गणेश, नवग्रह, पंचोपचार, षोडशोपचार, कलश, पूजन उपरांत पंडित अविनाश गौतम एवं पंडित पिंटू शर्मा ने मुख्य यजमान श्वेता भारद्वाज से हवन-यज्ञ में आहुतियां डलवाई।

 

इस सप्ताह श्री शनिदेव महाराज के जाप उपरांत मां बगलामुखी जी के निमित्त भी माला मंत्र जाप एवं हवन यज्ञ में विशेष रूप आहुतियां डाली गई। हवन-यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत नवजीत भारद्वाज ने कहा कि व्यक्ति धर्म करने से डरता है, लेकिन पाप करने से नहीं। जबकि व्यक्ति को पाप से बचना चाहिए और धर्म से जुड़ना चाहिए। उन्होने कहा कि जिंदगी में कभी भी बुरे विचार व बुरी क्रिया ना करें। अगर किसी व्यक्ति का उत्तम पुण्योदय है तो कोई उसका बाल भी बांका नहीं कर सकता है। इसलिए किसी के प्रति गलत भावना नहीं बनाएं। सुख-दुख की क्रिया करना व्यक्ति के हाथ में है। उन्होने कहा कि अपने व दूसरे के प्रति अशुभ भाव क्रिया कहलाती है। रोद्र ध्यान में दूसरे का अहित हो जाए यह तो निश्चित नहीं लेकिन सोचने वाले व्यक्ति का अहित अवश्य होगा। जीवो की हिंसा व ऐसा कार्य ना करें। उन्होने कहा कि पाप कर्म का बंद भोगना पड़ता है। पाप कर्म का उपदेश देना भी अनर्थ दंड है। पाप क्रिया से बचें, अशुभ कर्म नहीं बांधे। मन वचन और काया दंड है, अशुभ क्रिया को आत्म दंड कहा है। आत्म दंड अश्लील साहित्य पढना ,अपशब्दों का प्रयोग करना तथा किसी की हंसी उड़ाना की श्रेणी में आता है। बुरी क्रियाओं को छोड़ेंगे तभी मन हल्का होगा।
इस अवसर श्रीकंठ जज, राजेंद्र कत्याल, गोपाल मालपानी, मुनीश शर्मा, गौरव कोहली, डॉ. जसबीर अरोड़ा, इंद्र पाल सिंह, गितेश, बीपी बेदी, अशीश अग्रवाल, हैरी शंकर शर्मा, गुलशन शर्मा, बलिजंदर सिंह, गुरबाज सिंह, अमरजीत सिंह, एडवोकेट राज कुमार, अिश्वनी शर्मा धूप वाले, अमरेंद्र शर्मा, चंद्र शेखर, अमति कुमार, सुदेश शर्मा, पंकज उपाध्याय, बावा खन्ना, समीर चोपड़ा, बावा जोशी, अभिलक्षय चुघ, वरुण, सौरभ, रोहित बहल, शाम लाल, गुरबाज, जोगिंदर सिंह, ठाकुर बलदेव सिंह, मुकेश चौधरी, अभिलक्षय चुघ, साहिब, मंजीत कौर, राजीव, मोहित बहल, दीशांत शर्मा, राजन शर्मा, प्रिंस, पं. रमाकांत शर्मा, सौरभ मल्होत्ना, राकेश, प्रवीण, दीपक, अनीश शर्मा, अशोक शर्मा, संजीव राणा, सुनील जग्गी सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। सोशल डिस्टेंस एवं सैनेटाइज़ेशन का विशेष ध्यान रखा गया। आरती उपरांत प्रसाद रूपी विशाल लंगर भंडारे का भी आयोजन किया गया।

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