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हिदुस्तान की संस्कृति में गुरु का दर्जा ही सबसे बड़ा दर्जा–नवजीत भारद्वाज

गुरु के बिना कोई भवसागर पार नहीं होता सर्वप्रथम गुरु ही पूजनीय

गुरु पूर्णिमा के उपलक्ष्य में मां बगलामुखी धाम में आलौकिक मासिक मां बगलामुखी के हवन यज्ञ का आयोजन
सावन मास के उपलक्ष्य पर मां बगलामुखी जी को लगाए गए छप्पन भोग

जालंधर (अमरजीत सिंह लवला)

मां बगलामुखी धाम गुलमोहर सिटी नजदीक लम्मा पिंड चौंक में स्थित मां पितांबरा के प्रसिद्ध सिद्ध स्थान में गुरु पूर्णिमा एवं छप्पन भोग को लेकर रविवार को मासिक मां बगलामुखी हवन यज्ञ का आयोजन किया गया। सबसे पहले पंडित अविनाश गौतम एवं पंडित पिंटू शर्मा ने विधिवत रूप से गौरी-गणेश, पंचोपचार, षोडशोपचार, नवग्रह पूजन, कलश पूजन उपरांत मां बगलामुखी जी के निमित्त माला जाप करके किया।

मां बगलामुखी धाम के संचालक एवं संस्थापक नवजीत भारद्वाज ने हवन यज्ञ की पूर्णाहुति के उपरांत हवन यज्ञ में आए हुए सभी मां भक्तों से अपनी बात कहते हुए कहा कि गुरु पूर्णिमा का पर्व इंसान के जीवन का सबसे बड़ा पर्व है क्योंकि हिदुस्तान की संस्कृति में गुरु का दर्जा ही सबसे बड़ा दर्जा है। गुरु पूर्णिमा पूर्णता का संदेश देती जो सेवा से ही संभव है। सेवा का भक्ति में विशेष स्थान है। सेवा आपको निखालिस बनाती है। सेवा भाव प्रेम और प्रीत जगाता है जो भक्ति के लिए अति आवश्यक है।

नवजीत भारद्वाज ने आगे फरमाया कि बिना गुरु के कोई भवसागर पार नहीं होता। इसलिए गुरु ही सर्वप्रथम पूजनीय होता है। मीरा ने कभी कालेज का मुख नहीं देखा, लेकिन मीराबाई की कविताएं स्नातकोत्तर कक्षाओं में यूनिविर्सटी के स्तर पर पढ़ाई जाती हैं। मीरा के साहित्य पर लोग पीएचडी करते हैं। यह किसकी कृपा है केवल गुरु गोविद की कृपा। उन्होंने कहा कि जिस सूरदास ने कभी स्कूल का मुख नहीं देखा उन सूरदास की कविताओं की एक-एक लाइन पर लोग पीएचडी करते हैं। गोविद जिस पर कृपा कर दें उसके लिए कोई भी कार्य असंभव नहीं है। परमात्मा की कृपा का अनुभव करो उसकी कृपा बरस रही है। हम उसे कितना ले सकते हैं यह हमारी श्रद्धा के पात्न पर निर्भर है। ध्रुव की निष्ठा अद्भुत है क्योंकि ध्रुव का अर्थ होता है निष्ठा। ध्रुव का मतलब है अविनाशी। ध्रुव का मतलब है दृढ़ निश्चय। परमात्मा श्रीमननारायण अपने दिव्य शंख को ध्रुव जी के कपोल से लगा दिया।

जिससे वेद वेदांताओं का ज्ञान उनके हृदय में प्रस्फुटित हो गया। गुरु कृपा पर दिए गए मनोरम वक्तव्य से पूरे प्रांगण में भक्ति व श्रद्धा की बयार बह गई। हवन-यज्ञ एवं आरती उपरांत कंचन मदान एवं स्त्री सत्संग सभा, संजीव सांवरिया एंड पार्टी द्वारा मां बगलामुखी जी का गुणगान किया गया। मां बगलामुखी जी को छप्पन भोग लगाए गए। मां भक्तों ने अपने-अपने घरों से विभिन्न प्रकार के मिष्ठान्न मिठाई बनाकर मां बगलामुखी जी को भोग अर्पित किए।

इस अवसर पर दैनिक सवेरा जालंधर के शीतल विज, एमएलए अवतार हैनरी, एसटीएससी कमीशन के विजय सांपला, विक्की कालिया, कंवलजीत सिंह भाटिया, मधु राणा, अमरजीत सिंह अमरी, एसटी हास्पिटैल एवं तिलक राज कपूर हास्पिटैल से डा. आशिश कपूर एवं डॉ. नवनीत कपूर विशेष रुप से छप्पन भोग में सम्मिलित हुए।
*हवन यज्ञ के दौरान सोशल डिस्टेंस एवं सैनेटाइज़ेशन का खा़स ध्यान रखा गया*
इस अवसर श्रीकंठ जज, हंसराज राणा, जोगिंदर सिंह, विक्रम भसीन, अमरजीत सिंह, मुनीश शर्मा, विक्रांत शर्मा, बावा जोशी, करनेश संदल, संजीव शर्मा, श्रीगोपाल मालपानी, संजीव सांवरिया, रोहित बहल, अश्विनी शर्मा, गुलशन शर्मा, गौरव कोहली, डा. जसबीर अरोड़ा, गुन्नू, अमरेंद्र कुमार शर्मा, ललित मल्होत्रा, इंजीनियर किशोर शर्मा, मुकेश चौधरी, पूजा अरोड़ा, राजवीर कौर, हितेश, पंकज, राजेश महाजन, बावा खन्ना, मोहित बहल, अशोक शर्मा, रोहित मल्होत्रा, प्रिंस, राकेश, प्रवीण, सुनील जग्गी, प्रिंस, सहित भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। आरती उपरांत प्रसाद रूपी विशाल लंगर भंडारे का भी आयोजन किया गया।

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