दिल्ली के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने मॉडल गांव की अपनी योजना के तहत कुतुब गढ़ गांव को सबसे पहले विकसित करने का फैसला लिया था। उन्होंने सबसे पहले कुतुब गढ़ गांव के सर्वोदय कन्या विद्यालय में साइंस स्ट्रीम शुरू करने का आदेश दिया। इससे कुतुबगढ़ और आसपास के गांवों के निवासियों को लगा कि अब उनके गांव की बेटियां भी डाक्टर और इंजीनियर बन सकेंगी। साइंस शुरू होने के बाद बहुत सी छात्राओं ने पिछले साल 2023 के शिक्षा सत्र से 11वीं कक्षा में सांइस स्ट्रीम में दाखिला लिया। वर्तमान में 11वीं और 12वीं कक्षा सांइस स्ट्रीम में छात्राएं हैं, लेकिन दूसरा साल शुरू होने के बाद भी यहां मैथ्स, फिजिक्स, कैमिस्ट्री और बॉयोलॉजी विषय की पीजीटी टीचर नहीं हैं। छात्राओं का भविष्य अधर में है। काम चलाने के लिए टीजीटी टीचर 11वीं और 12 वीं की सांइस छात्राओं को पढ़ाने की खानापूर्ति कर रही हैं। नियमानुसार टीजीटी टीचर सिर्फ 10वीं कक्षा तक ही पढ़ा सकते हैं।
यूनिटी फॉर डवलपमेंट संस्था के अध्यक्ष आनंद राणा ने कहा है कि साइंस स्ट्रीम में 11वीं 12वीं की छात्राओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। जब शिक्षा निदेशालय दिल्ली सरकार को यहां सांइस टीचर पीजीटी नियुक्त नहीं करने थे तो साइंस की पढ़ाई शुरू ही क्यों की गई, यह सवाल है। बेकसूर छात्राओं के साथ यह अन्याय है। सर्वोदय कन्या विद्यालय कुतुब गढ़ में पीजीटी टीचर नियुक्त नहीं करने थे तो फिर साइंस स्ट्रीम में दाखिले क्यों किये गये। यूनिटी फॉर डवलपमेंट संस्था ने उपराज्यपाल वीके सक्सेना से मांग की है कि जल्द से जल्द पीजीटी साइंस स्ट्रीम विषयों के टीचर्स की नियुक्ति उपरोक्त विद्यालय में की जाए, जिससे 11वीं 12वीं कक्षा में पढ़ाई सुचारू रूप से हो सके।


