गुरसहाय 10 दिन पहले अपने साथियों सहित उनके खेतो में काम करने आया था। शुक्रवार शाम वह अपने सथियों सहित उनकी गांव लक्खन कलां में जमीन पर धान की रोपाई कर रहा था। काम करते हुए गुरुसहाय की अचानक तबीयत खराब हो गई।

कपूरथला सिविल अस्पताल में देर रात एक प्रवासी मजदूर की मौत के बाद हंगामा हो गया। बेहोशी की हालत में लाए गए मजदूर की गंभीर स्थिति को देखते हुए ड्यूटी डॉक्टर ने अमृतसर मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया, लेकिन जैसे ही मरीज को 108 एंबुलेंस में ले जाने लगे तो एंबुलेंस में ही मरीज ने दम तोड़ दिया।
मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस में लगा ऑक्सीजन का सिलेंडर खाली था, जिस कारण उनके मरीज की मौत हुई है। घटना की सूचना मिलने के बाद थाना-2 अर्बन एस्टेट की पुलिस भी मौके पर पहुंच गई और मामले की जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान गुरसहाय सादा पुत्र चेतु सादा सहरसा बिहार हाल निवासी गांव बूटां के रूप में हुई है। एसएमओ ने जांच कमेटी बनाने की बात कही है।
मजदूर को लेकर आए किसान विसाखा सिंह निवासी गांव बूट ने बताया कि गुरसहाय 10 दिन पहले अपने साथियों सहित उनके खेतो में काम करने आया था। शुक्रवार शाम वह अपने सथियों सहित उनकी गांव लक्खन कलां में जमीन पर धान की रोपाई कर रहा था। काम करते हुए गुरुसहाय की अचानक तबीयत खराब हो गई है। जिसके बाद उसे तुरंत सिविल अस्पताल कपूरथला ले लाया। जहां डयूटी पर तैनात डाक्टर ने प्राथमिक उपचार के बाद ऑक्सीजन लगा दी, लेकिन उसकी हालात में कोई सुधार न होता देख उसे अमृतसर मेडिकल कॉलेज में रेफर कर दिया और ड्यूटी डाक्टर ने 108 एंबुलेंस को सूचना दे दी।
जैसे ही गुरुसहाय को एंबुलेस में ले जाने लगे और ऑक्सीजन लगाई गई तो कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। मजदूर के साथ आए लोगों ने आरोप लगाया कि एंबुलेंस में रखे गए आक्सीजन सिलेंडर में आक्सीजन नहीं थी। विसाखा सिंह ने कहा कि सिविल अस्पताल की लापरवाही से गुरुसहाय की मौत हुई है।
एसएमओ डा.संदीप धवन ने बताया कि मजदूर जब अस्पताल आया तो उसका आक्सीजन लेवल बेहद कम था। डाक्टर ने उसका प्राथमिक उपचार कर उसे स्टेबल करके रेफर कर दिया। आक्सीजन न होने के आरोप पर कहा कि अस्पताल व 108 एंबुलेंस में अतिरिक्त सिलेंडर की व्यवस्था थी। यह आरोप निराधार हैं। फिर भी जांच कमेटी गठित की जाएगी।


