सिक्किम और बंगाल को जोड़ने वाले एनएच-10 पर भारी बारिश के कारण भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। कई जगहों पर मलबा गिरने से सड़क जाम हो गई है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी हो रही है। प्रशासन मलबा हटाने में जुटा है और कुछ हिस्सों में एकतरफा यातायात शुरू किया गया है।
सिक्किम और पश्चिम बंगाल के बीच सफर कर रहे लोगों के लिए परेशानी बढ़ गई है। बीते कुछ दिनों से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते नेशनल हाईवे-10 पर कई जगहों पर भूस्खलन हुआ है। इस वजह से सड़क पर यातायात पूरी तरह प्रभावित हो गया है। यह हाईवे सिक्किम के रंगपो को बंगाल के सेवोक से जोड़ता है, जो दोनों राज्यों के बीच मुख्य संपर्क मार्ग है।
अधिकारियों के मुताबिक, कुल 52 किलोमीटर लंबे इस हाईवे पर कई जगह भूस्खलन की घटनाएं सामने आई हैं। इनमें 29 माइल, काली झोरा, सेती झोरा, सेल्फी दारा, बीरिक दारा, लिकुवीर, मेली और भालू खोला जैसे स्थान प्रमुख हैं। ये सभी इलाके पश्चिम बंगाल के कालिम्पोंग जिले में आते हैं। इन स्थानों पर रास्ता बंद हो जाने से वाहन चालकों और यात्रियों को भारी असुविधा हो रही है।
मलबा हटाने का काम जारी
नेशनल हाईवे एंड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHIDCL) के अधिकारियों ने बताया कि मलबा हटाने और सड़क को बहाल करने का काम तेजी से किया जा रहा है। भारी मशीनरी मौके पर तैनात कर दी गई है। कुछ जगहों पर एक तरफ से धीरे-धीरे यातायात शुरू कर दिया गया है, लेकिन लगातार हो रही बारिश और नए भूस्खलन से काम में बाधा आ रही है।
पुलिस ने संभाली कमान
स्थानीय पुलिस प्रशासन भी स्थिति को काबू में करने में जुटा है। कालिम्पोंग जिला पुलिस ने यातायात नियंत्रित करने के लिए मौके पर जवान तैनात किए हैं। पुलिस की ओर से यात्रियों से अपील की गई है कि वे यात्रा करने से पहले हालात की जानकारी जरूर ले लें। खराब मौसम के कारण अचानक हालात बिगड़ सकते हैं।
लोगों को दी जा रही है सलाह
अधिकारियों ने कहा है कि चूंकि कुछ इलाकों में भूस्खलन लगातार जारी है, इसलिए लोगों को बहुत जरूरी होने पर ही सफर करने की सलाह दी जा रही है। खासकर सिक्किम जाने वाले यात्रियों से आग्रह किया गया है कि वे वैकल्पिक मार्गों या प्रशासन द्वारा सुझाए गए रास्तों का ही इस्तेमाल करें।
बारिश से बनी चुनौती, राहत कार्य जारी
भारी बारिश ने प्रशासन के लिए भी चुनौती खड़ी कर दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक और बारिश का पूर्वानुमान दिया है। ऐसे में भूस्खलन की घटनाएं और बढ़ सकती हैं। प्रशासन ने राहत कार्य को युद्धस्तर पर जारी रखने की बात कही है, ताकि जल्द से जल्द हाईवे को पूरी तरह से चालू किया जा सके।


