प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जातीय हिंसा भड़कने के लगभग सवा साल बाद आज, शनिवार को पहली बार मणिपुर पहुंचे। यहां भारी बारिश के कारण जब उनका हेलिकॉप्टर नहीं उड़ सका, तो उन्होंने 65 किलोमीटर का सफर सड़क मार्ग से तय कर हिंसा प्रभावित चूड़ाचांदपुर का दौरा किया और पीड़ितों से मुलाकात की। इस दौरान सड़क पर लोगों का अभूतपूर्व प्यार देखकर पीएम मोदी भावुक हो गए और कहा कि अच्छा हुआ आज उनका हेलिकॉप्टर नहीं उड़ा।
शनिवार को जब प्रधानमंत्री मोदी इंफाल एयरपोर्ट पर उतरे, तो भारी बारिश हो रही थी। अधिकारियों ने बताया कि खराब मौसम के कारण हेलिकॉप्टर से चूड़ाचांदपुर जाना संभव नहीं है। सूत्रों के अनुसार, इस पर पीएम मोदी ने तुरंत फैसला किया कि चाहे कितना भी समय लगे, वह सड़क मार्ग से ही जाएंगे क्योंकि उन्हें हर हाल में हिंसा पीड़ितों से मिलना है। इसके बाद वह 65 किलोमीटर का सफर करीब डेढ़ घंटे में तय कर चूड़ाचांदपुर पहुंचे और राहत शिविरों में हिंसा पीड़ितों से मुलाकात की।
चूड़ाचांदपुर में भारी बारिश के बावजूद उन्हें सुनने आए हजारों लोगों को संबोधित करते हुए पीएम मोदी भावुक हो गए। उन्होंने कहा, मैं मणिपुर के लोगों के जज्बे को सलाम करता हूं। आज सड़क पर जो दृश्य मैंने देखे, उन्हें देखकर मेरा दिल कह रहा है कि अच्छा हुआ कि आज मेरा हेलिकॉप्टर नहीं उड़ा और मैं सड़क मार्ग से आया। रास्ते भर तिरंगा हाथ में लिए सभी ने मुझे जो प्यार और स्नेह दिया, मैं इस पल को जीवन में कभी नहीं भूल सकता। मैं मणिपुर के लोगों को नमन करता हूं।
गौरतलब है कि मई 2023 में मणिपुर में मैतेई और कुकी समुदायों के बीच जातीय संघर्ष छिड़ गया था। इस हिंसा में 250 से ज्यादा लोगों की मौत हुई थी और लगभग 60,000 लोग विस्थापित हो गए थे, जो आज भी अस्थायी शिविरों में रह रहे हैं। हिंसा के बाद यह प्रधानमंत्री का पहला मणिपुर दौरा है।


