बिहार विधानसभा चुनाव 2025 से पहले महागठबंधन ने बुधवार को पटना में अपना पहला चुनावी घोषणा-पत्र जारी किया। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने संयुक्त रूप से “अति पिछड़ा न्याय संकल्प” नाम से इस मैनिफेस्टो का ऐलान किया। इसमें अति पिछड़ा वर्ग (EBC) और वंचित तबकों के लिए कई अहम वादे किए गए हैं।
राहुल गांधी का सरकार पर हमला
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा कि देश में अति पिछड़ा, आदिवासी, ओबीसी और दलित वर्ग को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार और भागीदारी नहीं मिल पा रही है। उन्होंने नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “20 साल से सत्ता में रहने के बावजूद उन्होंने ये वादे क्यों पूरे नहीं किए, जिन्हें आज हम अपना विजन बना रहे हैं।”
महागठबंधन के 10 बड़े वादे
– महागठबंधन के घोषणा-पत्र में अति पिछड़े वर्ग और सामाजिक न्याय को ध्यान में रखते हुए ये वादे शामिल हैं
– एससी-एसटी की तर्ज पर अति पिछड़ा अत्याचार निवारण कानून बनाया जाएगा।
– पंचायत और नगर निकायों में EBC आरक्षण 20% से बढ़ाकर 30% किया जाएगा।
– आबादी के अनुपात में आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए 50% की सीमा को बढ़ाने का प्रस्ताव लाकर इसे संविधान की 9वीं अनुसूची में शामिल करने के लिए केंद्र को भेजा जाएगा।
– भर्ती प्रक्रिया में “Not Found Suitable (NFS)” को गैरकानूनी घोषित किया जाएगा।
– भूमिहीन परिवारों को शहरी क्षेत्रों में 3 डिसिमल और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 डिसिमल जमीन दी जाएगी।
– शिक्षा का अधिकार कानून 2010 के तहत प्राइवेट स्कूलों में आरक्षित सीटों का आधा हिस्सा EBC, OBC, SC और ST बच्चों को मिलेगा।
– 25 करोड़ रुपये तक के सरकारी ठेकों और आपूर्ति टेंडरों में वंचित वर्गों को 50% आरक्षण दिया जाएगा।
– सभी निजी शिक्षण संस्थानों में नामांकन में आरक्षण लागू होगा।
– आरक्षण की निगरानी के लिए उच्चाधिकार प्राप्त आरक्षण नियामक प्राधिकरण बनाया जाएगा।
– जातियों की सूची में किसी भी बदलाव का अधिकार केवल विधानमंडल को होगा।
तेजस्वी यादव का बयान
आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने कहा कि यह घोषणा-पत्र सिर्फ वादों का कागज़ नहीं बल्कि सामाजिक न्याय का रोडमैप है। उन्होंने कहा कि महागठबंधन बिहार में अति पिछड़े समाज को नई ताकत देने का काम करेगा।


