प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुजरात में भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए IAS अधिकारी राजेंद्र कुमार पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी 1500 करोड़ रुपये के चर्चित जमीन घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की गई है।
शुक्रवार को आवास पर पहुंची थीं तीन टीमें
शुक्रवार को ईडी की तीन टीमों ने गांधीनगर स्थित पटेल के आवास पर दबिश दी। अधिकारियों ने उनसे लंबी पूछताछ की, जिसके बाद उन्हें हिरासत में ले लिया गया। इस गिरफ्तारी से राज्य के प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है।
दिसंबर में हुई छापेमारी में मिले थे अहम सुराग
इस मामले में ईडी का शिकंजा पहले से कस रहा था। इससे पूर्व जांच एजेंसी ने 20 और 21 दिसंबर को सुरेंद्रनगर जिले में व्यापक छापेमारी की थी। उस समय तत्कालीन कलेक्टर राजेंद्र पटेल के अलावा उनके पीए जयराजसिंह झाला, डिप्टी तहसीलदार चंद्रसिंह मोरी और क्लर्क मयूरसिंह गोहिल के ठिकानों पर रेड डाली गई थी। जांच के दौरान डिप्टी तहसीलदार मोरी के घर के बेडरूम में छिपाकर रखी गई 60 लाख रुपये से अधिक की नकदी बरामद हुई थी।
5 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति का खुलासा
जांच में यह बात सामने आई है कि 2015 बैच के आईएएस अधिकारी राजेंद्र पटेल के पास आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति है। ईडी को अब तक उनके पास 5 करोड़ रुपये से अधिक की चल-अचल संपत्तियों के प्रमाण मिले हैं। मूल रूप से अहमदाबाद के रहने वाले राजेंद्र पटेल ने सिविल सेवा में आने से पहले बीडीएस और पब्लिक पॉलिसी में एमए की पढ़ाई की है।
कलेक्टर पद से पहले ही हटाए जा चुके थे
भ्रष्टाचार के आरोप लगने और ईडी की शुरुआती कार्रवाई के बाद राज्य सरकार ने सख्त रुख अपनाते हुए पटेल से सुरेंद्रनगर कलेक्टर की जिम्मेदारी वापस ले ली थी। गिरफ्तारी के समय वे सामान्य प्रशासन विभाग में तैनात थे।


