मेटा (फेसबुक-इंस्टाग्राम की मालिक कंपनी) की नई रिपोर्ट में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। भारत अब दुनिया के अंतरराष्ट्रीय स्कैम गिरोहों का दूसरा सबसे बड़ा शिकार बन चुका है। पहले स्थान पर अमेरिका के अंग्रेजी बोलने वाले यूजर्स हैं। मेटा की सेमीएनुअल एडवरसैरियल थ्रेट रिपोर्ट के अनुसार, अब ठग पहले जैसे नहीं रहे। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर बेहद प्रोफेशनल तरीके से फर्जी अकाउंट तैयार कर रहे हैं। इन अकाउंट्स में नकली लेकिन असली जैसे दिखने वाले फोटो, वीडियो, और पूरी बैकस्टोरी शामिल होती है। इतना ही नहीं, स्कैमर्स यूजर्स के हिसाब से पर्सनलाइज्ड मैसेज भेजते हैं, जिससे लोगों को लगता है कि संदेश खासतौर पर उनके लिए ही लिखा गया है।
किन देशों के लोग बन रहे सबसे ज्यादा शिकार
रिपोर्ट के मुताबिक, स्कैम सिंडिकेट सबसे पहले अमेरिका के अंग्रेजी भाषी यूजर्स को निशाना बनाते हैं, इसके बाद भारत दूसरे नंबर पर है। इसके बाद मंदारिन भाषी क्षेत्र—जैसे चीन, ताइवान, हांगकांग, सिंगापुर—और फिर जापान व दक्षिण कोरिया आते हैं।
ये हैं सबसे आम स्कैम के तरीके
रिपोर्ट में कई तरह के स्कैम्स का जिक्र किया गया है, जैसे:
एडवांस पेमेंट स्कैम
इन्वेस्टमेंट स्कैम
गैंबलिंग स्कैम
रोमांस स्कैम
कस्टमर सपोर्ट स्कैम
सेलिब्रिटी और सरकारी अधिकारी बनकर ठगी
दक्षिण-पूर्व एशिया में खासतौर पर रोमांस और इन्वेस्टमेंट स्कैम ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। इसमें ठग पहले लग्जरी लाइफस्टाइल दिखाकर भरोसा जीतते हैं, फिर बातचीत को व्हाट्सएप जैसे प्लेटफॉर्म पर ले जाकर ठगी करते हैं।
पाकिस्तान से चल रहा था गिरोह
मेटा ने हाल ही में पाकिस्तान आधारित एक बड़े स्कैम नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जो भारत के लोगों को ही निशाना बना रहा था। यह गिरोह एआई के जरिए अलग-अलग भाषाओं में कंटेंट बनाता था और चोरी की तस्वीरों का इस्तेमाल कर खुद को स्थानीय व्यक्ति के रूप में पेश करता था।
करोड़ों अकाउंट्स पर कार्रवाई
कंपनी के अनुसार, इस साल उसने फ्रॉड और स्कैम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए:
1.09 करोड़ फेसबुक-इंस्टाग्राम अकाउंट्स
6 लाख पेज
1.12 लाख विज्ञापन अकाउंट्स हटाए
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि ड्रग तस्करी और संगठित अपराध से जुड़े गिरोह भी इन प्लेटफॉर्म्स का इस्तेमाल भर्ती, ब्लैकमेल और प्रचार के लिए कर रहे हैं।
कैसे रहें सुरक्षित?
रिपोर्ट का सबसे बड़ा संदेश साफ है—अब स्कैमर्स सिर्फ पैसे नहीं, आपका भरोसा भी चुरा रहे हैं।
अनजान लिंक पर क्लिक न करें
किसी अनजान व्यक्ति को पैसे न भेजें


