उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले से इंसानियत को शर्मसार कर देने वाली एक बेहद खौफनाक घटना सामने आई है। यहां के एक मदरसे में पढ़ाई करने वाले एक मासूम बच्चे के साथ तालिबानी क्रूरता की गई है। इस हैवानियत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसे देखकर किसी का भी दिल दहल जाए। वायरल वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि मदरसे के शिक्षक एक मासूम बच्चे के पैर पकड़कर उसे उल्टा लेटा देते हैं और फिर उस पर बेरहमी से छड़ियों की बारिश कर देते हैं।
रहम की भीख मांगता रहा मासूम, निर्दयी शिक्षकों ने एक न सुनी
इस रोंगटे खड़े कर देने वाले वीडियो में देखा जा सकता है कि मासूम बच्चे को एक-दो बार नहीं, बल्कि पूरे 42 बार छड़ी से पीटा गया। दर्द से तड़पता हुआ यह बच्चा लगातार चीखता रहा और अपने शिक्षकों से रहम की गुहार लगाता रहा, लेकिन इन बेरहम लोगों का दिल जरा भी नहीं पसीजा। एक शिक्षक ने बच्चे के पैर मजबूती से पकड़ रखे थे, जबकि दूसरा उस पर अंधाधुंध छड़ियां बरसा रहा था। इस क्रूरता ने शिक्षा के नाम पर दी जाने वाली अमानवीय सजा की खौफनाक हकीकत को उजागर कर दिया है।
बचाने के बजाय तीसरा शख्स बनाता रहा हैवानियत का वीडियो
इस शर्मनाक घटना में क्रूरता की हदें तब और पार हो गईं जब वहां मौजूद एक तीसरे व्यक्ति ने बच्चे को बचाने के बजाय इस पूरी हैवानियत का मोबाइल से वीडियो बनाना शुरू कर दिया। वीडियो में मासूम के साथ हो रही दरिंदगी न केवल कैद की गई, बल्कि इसे जानबूझकर रिकॉर्ड भी किया गया। इस वीडियो के सामने आने के बाद से ही लोगों में भारी आक्रोश है और सोशल मीडिया पर शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए जा रहे हैं।
पुलिस ने लिया कड़ा एक्शन, दोनों आरोपी शिक्षक सलाखों के पीछे
वायरल वीडियो पर संज्ञान लेते हुए सहारनपुर पुलिस ने तुरंत कड़ी कार्रवाई की है। इस पूरे मामले की जानकारी देते हुए सीओ नकुड़ अशोक सिसोदिया ने बताया कि यह सनसनीखेज घटना कस्बा गंगोह के मदरसा दारुल उलूम जकरिया की है। वीडियो के आधार पर थाना गंगोह में दोनों नामजद आरोपियों जुनैद और शोएब के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपी शिक्षकों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेज दिया है और मामले में आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


