बांग्लादेश के चटगांव स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग में तैनात एक भारतीय अधिकारी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से हड़कंप मच गया है। मंगलवार सुबह उच्चायोग परिसर से अधिकारी का शव बरामद किया गया, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान हरियाणा निवासी 35 वर्षीय नरेंद्र के रूप में हुई है, जो भारतीय सहायक उच्चायोग में सिक्योरिटी प्रोटोकॉल ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार सुबह नरेंद्र अपने कमरे से बाहर नहीं आए और लगातार दरवाजा खटखटाने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। शुरुआत में उच्चायोग के अधिकारियों ने खुद दरवाजा खुलवाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई।
सूचना मिलते ही चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस मौके पर पहुंची और खुल्शी इलाके में स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग के एक कमरे से नरेंद्र का शव बरामद किया। घटना के बाद पूरे परिसर में तनाव और चिंता का माहौल बन गया।
चटगांव मेट्रोपॉलिटन पुलिस (CMP) के कमिश्नर हसन मोहम्मद शौकत अली ने स्थानीय मीडिया को बताया कि नरेंद्र भारतीय मिशन में सुरक्षा प्रोटोकॉल अधिकारी के तौर पर सेवाएं दे रहे थे। शुरुआती जांच में मौत के कारणों का पता नहीं चल पाया है।
पुलिस ने पंचनामा तैयार करने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए चटगांव मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल मामले को अप्राकृतिक मौत मानकर जांच की जा रही है।
CMP के उपायुक्त (उत्तर) अमीरुल इस्लाम ने बताया कि घटना को लेकर अप्राकृतिक मौत का मामला दर्ज किया जाएगा। जांच पूरी होने और पोस्टमार्टम प्रक्रिया खत्म होने के बाद शव भारतीय सहायक उच्चायोग के अधिकारियों को सौंप दिया जाएगा।
फिलहाल भारतीय उच्चायोग और बांग्लादेशी प्रशासन दोनों मामले की गंभीरता से जांच में जुटे हुए हैं।


