राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाए जाने के बाद (आप) के भीतर विवाद तेज हो गया है। पार्टी नेताओं और राघव चड्ढा के बीच सामाजिक माध्यमों पर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
इसी बीच राघव चड्ढा ने अपने आधिकारिक सामाजिक मंच ‘एक्स’ पर एक वीडियो जारी कर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने लिखा, “आप में मेरे साथियों के लिए, जिन्हें यह कहते हुए वीडियो जारी करने पर मजबूर होना पड़ा कि ‘राघव चड्ढा संसद में पंजाब के मुद्दे उठाने में नाकाम रहे’, यह एक छोटा सा ट्रेलर है… पिक्चर अभी बाकी है।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब मेरे लिए बातचीत का विषय नहीं है, यह मेरा घर, मेरा कर्तव्य, मेरी मिट्टी और मेरी आत्मा है।”
राज्यसभा सदस्य चड्ढा ने पार्टी के शीर्ष नेताओं की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों का वह जवाब देंगे। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा, “जो लोग मुझ पर आरोप लगा रहे हैं, उनके हर झूठ को बेनकाब किया जाएगा। मैं घायल हूं, इसलिए घातक हूं।”
उन्होंने संजय सिंह, आतिशी मार्लेना और सौरभ भारद्वाज जैसे नेताओं द्वारा लगाए गए आरोपों को “सुनियोजित हमला” बताया। चड्ढा ने कहा कि उनके खिलाफ एक जैसी भाषा का उपयोग किया जा रहा है, जो उन्हें पहले से लिखकर दी गई प्रतीत होती है।
करीब दो मिनट चालीस सेकंड के वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि संसद में आम जनता के मुद्दे उठाना कोई अपराध नहीं है। सदन से बाहर जाने (वाकआउट) के आरोपों पर उन्होंने कहा कि सदन की हर गतिविधि दर्ज होती है और दृश्य अभिलेख सामने आने पर सच्चाई स्पष्ट हो जाएगी।
मुख्य चुनाव आयुक्त से जुड़े प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं करने के आरोप को भी उन्होंने खारिज किया। उन्होंने कहा कि राज्यसभा में पार्टी के 10 सदस्यों में से कई ने इस प्रस्ताव पर हस्ताक्षर नहीं किए थे।
चड्ढा ने कहा कि वह संसद में शोर-शराबा करने या अपशब्द कहने के लिए नहीं, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने के लिए गए हैं। उन्होंने वस्तु एवं सेवा कर, पानी, पंजाब के जल मुद्दे, दिल्ली की वायु, बेरोजगारी और महंगाई जैसे विषयों को उठाने का दावा किया।
इस मामले में आम आदमी पार्टी की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया लेने की कोशिश की गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक पार्टी का पक्ष सामने नहीं आ सका।


