Monday, October 26, 2026
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कंगाल पाक पर अचानक मेहरबान हुआ रूस, पुतिन के एक फैसले से रातों-रात बदल जाएगी किसानों की किस्मत

आर्थिक संकट और विदेशी मुद्रा की भारी कमी से जूझ रहे पाकिस्तान के लिए रूस से एक बेहद बड़ी और राहत भरी खबर सामने आई है। रूस ने पाकिस्तान से आलू के आयात पर लगा अपना पुराना प्रतिबंध पूरी तरह से हटा लिया है। इस बड़े फैसले के बाद, 8 अप्रैल से पाकिस्तान के पंजाब प्रांत से आलू की खेप को रूसी बाजारों में एंट्री करने की आधिकारिक अनुमति मिल गई है। इस घटनाक्रम से न केवल कंगाली की कगार पर खड़े पाकिस्तान के कृषि निर्यात को नए पंख लगेंगे, बल्कि वहां के किसानों को भी भारी आर्थिक मुनाफा होने की उम्मीद है।

पाकिस्तानी अर्थव्यवस्था के लिए ‘संजीवनी’ और किसानों की मौज

पाकिस्तान का पंजाब प्रांत कृषि उत्पादन, खासकर आलू की खेती का सबसे बड़ा केंद्र माना जाता है। रूस द्वारा आयात पर लगी रोक हटने से इन किसानों की किस्मत चमकने वाली है। रूस एक बहुत बड़ा और सर्द देश है, जहां आलू की भारी खपत होती है। इस बड़े विदेशी बाजार के खुलने से पाकिस्तानी आलू की मांग में अचानक भारी तेजी आएगी। स्थानीय बाजार में आलू की अधिकता के कारण अक्सर किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती थी, लेकिन अब अंतरराष्ट्रीय बाजार मिलने से उन्हें अपनी उपज की बेहतरीन कीमत मिल सकेगी। इसके साथ ही, विदेशी मुद्रा की भारी कमी का सामना कर रहे पाकिस्तान को डॉलर कमाने का एक नया जरिया मिल गया है, जो उसके व्यापार घाटे को कम करने में एक अहम और सकारात्मक भूमिका निभाएगा।

जानिए क्यों लगा था प्रतिबंध और अब कैसे खुला रास्ता

आपको बता दें कि मई 2025 में रूस ने पंजाब से आने वाले आलू पर यह कहते हुए कड़ा प्रतिबंध लगा दिया था कि इनमें ‘पोटैटो ट्यूबर मोथ’ और ‘टोमेटो विल्ट वायरस’ मौजूद हैं। इस साल फरवरी में पाकिस्तान सरकार ने इस प्रतिबंध का मुद्दा रूसी एजेंसी ‘फेडरल सर्विस फॉर वेटरनरी एंड फाइटोसैनिटरी सर्विलांस’ के सामने प्रमुखता से उठाया। पाकिस्तान के पौधा संरक्षण विभाग ने इस बैन का कड़ा विरोध करते हुए कीटों की स्थिति के रिकॉर्ड और अपनी प्रयोगशालाओं की नैदानिक रिपोर्ट जमा कीं। इन रिपोर्टों से यह साफ साबित हो गया कि आलू की फसल में बताए गए कोई भी कीट या रोगजनक मौजूद नहीं हैं। इन पुख्ता सबूतों के बाद ही रूस ने मई 2025 से लागू इन फाइटोसैनिटरी प्रतिबंधों को हटाने की अपनी आधिकारिक मंजूरी दे दी है।

बंपर पैदावार से बंपर मुनाफे की तैयारी में जुटा पाकिस्तान

रूसी प्राधिकरण ने शुरुआत में तीन पाकिस्तानी निर्यातकों को आलू भेजने की अनुमति दी है, जिनमें चेस इंटरनेशनल, जाहिद किन्नो ग्राइंडिंग एंड वैक्सिंग प्लांट और नेशनल फ्रूट शामिल हैं। मॉस्को में पाकिस्तान की व्यापार अताशे शबाना अजीज के मुताबिक, रूसी मानकों को पूरा करने पर निकट भविष्य में और भी कंपनियों को इस सूची में शामिल किया जाएगा। निर्यातकों की मदद के लिए बकायदा वर्चुअल बिजनेस बैठकें भी आयोजित की जा रही हैं। पाकिस्तान इस वक्त आलू की बंपर पैदावार का अनुभव कर रहा है। इस सीजन में आलू का कुल उत्पादन लगभग एक करोड़ 20 लाख टन तक पहुंच गया है, जिसमें से करीब 40 लाख टन आलू सरप्लस है। रूस का बाजार खुलने से इस अतिरिक्त स्टॉक की आसानी से खपत होगी, जिससे घरेलू बाजार में कीमतें स्थिर रहेंगी, किसानों को सीधा फायदा पहुंचेगा और देश के लिए मूल्यवान विदेशी मुद्रा अर्जित होगी। तोरखम सीमा बंद होने के बाद मध्य एशियाई देशों तक माल भेजने के लिए नए मार्गों की तलाश कर रहे पाकिस्तान के लिए रूसी बाजार का खुलना किसी बड़ी उपलब्धि से कम नहीं है।

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