उत्तर प्रदेश के मथुरा में शुक्रवार को बड़ा हादसा हो गया, जब लुधियाना से वृंदावन घूमने आए श्रद्धालुओं से भरी एक नाव यमुना नदी में पलट गई। हादसे के वक्त नाव में करीब 30 लोग सवार थे। नाव के पलटते ही सभी यात्री नदी में गिर गए और मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, तेज हवा के कारण नाव का संतुलन बिगड़ गया और वह पैंटून पुल से टकराकर पलट गई। पानी में गिरते ही श्रद्धालुओं की चीख-पुकार गूंज उठी। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।
10 की मौत, 15 सुरक्षित, 5 लापता
हादसे के बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और तुरंत राहत-बचाव अभियान शुरू किया गया। अब तक 15 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है, जबकि 10 श्रद्धालुओं के शव बरामद किए जा चुके हैं। पांच लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं, जिनकी तलाश देर रात तक जारी रही।
ओवरलोड और तेज हवा बनी वजह
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, नाव पर क्षमता से अधिक लोग सवार थे। एसडीएम ऋतु सिरोही ने प्राथमिक जांच में ओवरलोडिंग को हादसे की मुख्य वजह बताया है। वहीं, तेज हवा ने स्थिति को और गंभीर बना दिया, जिससे नाव का संतुलन बिगड़ गया।
मौके पर पहुंचे अधिकारी, अस्पताल अलर्ट
हादसे की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन हरकत में आ गया। डीएम, एसएसपी और डीआईजी समेत वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। घायलों को तुरंत अस्पताल भेजा गया है। प्रशासन ने सभी अस्पतालों को अलर्ट पर रखा है और घायलों के मुफ्त इलाज के निर्देश दिए गए हैं। डीएम चंद्र प्रकाश सिंह ने बताया कि स्थानीय गोताखोरों के साथ-साथ एनडीआरएफ और सेना की टीमों को भी राहत कार्य में लगाया गया है, ताकि लापता लोगों की जल्द से जल्द तलाश की जा सके।
सीएम योगी ने जताया दुख
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने अधिकारियों को तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत-बचाव कार्य तेज करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही, घायलों को बेहतर इलाज मुहैया कराने और हर संभव सहायता देने के आदेश भी दिए हैं।
यह हादसा एक बार फिर से सुरक्षा मानकों की अनदेखी और ओवरलोडिंग जैसे गंभीर मुद्दों को उजागर करता है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं।


