Sunday, May 10, 2026
Google search engine
Homepunjabपंजाब टैक्स विभाग ने फर्जी बिलिंग के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया;...

पंजाब टैक्स विभाग ने फर्जी बिलिंग के बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया; लुधियाना स्थित फर्म का डायरेक्टर गिरफ्तार: हरपाल सिंह चीमा

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की आर्थिक अपराधों के खिलाफ जीरो-टॉलरेंस नीति की पुष्टि करते हुए, वित्त, आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने आज यहां स्टेट इंटेलिजेंस एंड प्रिवेंटिव यूनिट (सिप्पू) द्वारा हासिल की गई एक बड़ी सफलता की घोषणा की। कार्रवाई के विवरण साझा करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने कहा, “आज कर विभाग ने एक बेहद संगठित फर्जी बिलिंग नेटवर्क को सफलतापूर्वक ध्वस्त करते हुए मैसर्स एपीआई प्लास्टिक रिसाइक्लर्स प्राइवेट लिमिटेड, लुधियाना के डायरेक्टर एवं अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता परमजीत सिंह को 85.4 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन पर गलत तरीके से फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लेने और 15.56 करोड़ रुपये का बड़ा जीएसटी घोटाला करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।”

जांच के बारे में विस्तार से बताते हुए वित्त मंत्री ने कहा, “आरोपी फर्म योजनाबद्ध और संगठित टैक्स चोरी में शामिल थी। उन्होंने बिना वास्तविक रूप से माल प्राप्त किए, कई राज्यों में गैर-मौजूद और धोखाधड़ी वाली फर्मों द्वारा जारी किए गए फर्जी चालानों (बिलों) के आधार पर फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ लिया।”

आगे खुलासा करते हुए आबकारी एवं कर मंत्री ने कहा, “हमारी खुफिया टीमों ने यह भी पाया कि लेन-देन में शामिल कई सप्लायर फर्मों को संबंधित जीएसटी अधिकारियों द्वारा पहले ही स्वतः रद्द, निलंबित या गैर-कार्यशील घोषित किया जा चुका था। अब तक सामने आई कुल धोखाधड़ी 15.56 करोड़ रुपये की है और यह आंकड़ा आगे और बढ़ सकता है क्योंकि हमारी जांच अभी भी सख्ती से जारी है।”

धोखाधड़ी के जटिल जाल का पर्दाफाश करते हुए आबकारी एवं कर मंत्री ने कहा, “मैं हमारे विभाग द्वारा ई-वे बिलों और फास्टैग टोल डेटा के किए गए विस्तृत विश्लेषण की सराहना करता हूं। इस विश्लेषण ने निर्णायक रूप से यह साबित कर दिया कि ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों में दर्शाए गए वाहन माल की घोषित आवाजाही से बिल्कुल मेल न खाने वाले स्थानों पर पाए गए थे, जो यह साबित करता है कि वास्तव में कोई ढुलाई नहीं हुई थी। हमारी जांच में ऐसे 407 अत्यधिक संदिग्ध वाहन आवागमन का खुलासा हुआ है, जिनमें 2.65 करोड़ रुपये से अधिक का फर्जी आईटीसी शामिल है।”

आबकारी एवं कर मंत्री चीमा ने दस्तावेजों की जालसाजी की गंभीरता को उजागर करते हुए कहा, “हमारी जांच में धोखाधड़ी वाले डेबिट नोटों को शामिल करने के एक नए तरीके का भी खुलासा हुआ है, जिसके जरिए लगभग 5.79 करोड़ रुपये का अतिरिक्त फर्जी आईटीसी तैयार किया गया था। इन डेबिट नोटों में बड़ी अनियमितताएं थीं, जिनमें टैक्स योग्य मूल्य और टैक्स की राशि को बराबर दर्शाया गया था। जीएसटी कानून के तहत यह असंभव है और यह स्पष्ट रूप से फर्जी आईटीसी पैदा करने के लिए रिकॉर्ड में खुली हेराफेरी को साबित करता है। इसके अलावा, पीजीएसटी/सीजीएसटी एक्ट की धारा 67 के तहत की गई तलाशी कार्रवाई के दौरान करदाता के ठिकाने से विभिन्न ट्रांसपोर्टरों की खाली गुड्स रसीद पुस्तिकाएं बरामद की गईं, जो आवाजाही का झूठा रिकॉर्ड तैयार करने के लिए ट्रांसपोर्ट दस्तावेजों की जालसाजी की ओर संकेत करती हैं।”

टैक्स चोरों को सख्त संदेश देते हुए आबकारी एवं कर मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा, “जांच के दौरान एकत्र किए गए ठोस सबूतों के मद्देनजर आरोपी को आज, 8 मई 2026 को पंजाब गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स एक्ट, 2017 की धाराओं 69 और 132(1)(c) के तहत गिरफ्तार किया गया है। चूंकि टैक्स चोरी की राशि 5 करोड़ रुपये से कहीं अधिक है, इसलिए यह अपराध गंभीर और गैर-जमानती है तथा इसके लिए जुर्माने के साथ पांच वर्ष तक की कैद की सजा हो सकती है। मैं फर्जी बिलिंग रैकेटों और जीएसटी धोखाधड़ी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए राज्य के टैक्स विभाग की प्रतिबद्धता को दृढ़ता से दोहराता हूं। राज्य के राजस्व को नुकसान पहुंचाने वाले फर्जी आईटीसी तैयार करने और उसका इस्तेमाल करने में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।”

Our Best Partners: paynplay talleta ja pelaa uudet pikakasinot 2023 pay n play casino nye danske online casinoer plataforma mines ক্রেজি টাইম লাইভ ট্র্যাকার pay n play vedonlyönti pelaa casino https://luckyjetwins.com/strategy/
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments