पूर्व उपमुख्यमंत्री पंजाब और गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने नगर परिषद जीरा का दौरा किया और वहां पहुंच कर सफाई कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेकर उन्हें समर्थन दिया। रंधावा ने सफाई कर्मचारियों को भरोसा दिलाया कि पंजाब में कांग्रेस की सरकार आने पर सफाई कर्मचारियों की मांगें पूरी की जाएंगी। पुरानी पैंशन को बहाल करवाया जाएगा। रंधावा नगर परिषद के कार्यकारी अधिकारी (ईओ) के दफ्तर भी पहुंचे, जहां वह गैरहाजिर पाए गए। उनके साथ पूर्व विधायक कुलबीर सिंह जीरा और विधायक बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा भी मौजूद रहे।
रंधावा ने कहा कि राज्य में भगवंत सिंह मान की सरकार अपने वादों पर खरी नहीं उतरी है। यही वजह है कि पंजाब का हर वर्ग सरकार से खफा है। सरकारी कर्मचारियों को अपनी मांगों को मनवाने और महंगाई भत्ते व वेतन-पे की किश्तों के लिए सड़कों पर उतर रहे हैं। नगर निगम और निगम परिषदों के चुनावों में कर्मचारियों अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन लगाकर बैठ गए हैं। सारे पंजाब में सफाई व्यवस्था ठप हो रही है। सरकार को चाहिए कि इन कर्मचारियों की मांगों को तुरंत पूरी की जाएं।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री मान ने सरकार बनने से पहले दावा किया था कि कोई मुलाजिम कच्चा नहीं रहेगा, लेकिन यह मुलाजिम लंबे समय से 10 हजार रुपए से कम पैसे में काम करने को मजबूर हैं। इस पैसे में घरों का गुजारा करना मुश्किल ही नहीं बल्कि नामुमकिन है। इनको पूरा वेतन दिया जाए। ताकि वह अपने परिवारों के पालन-पोषण कर सकें। मुलाजिम अपनी पुरानी पैंशन को बहाल करने की मांग कर रहे हैं, उसे भी पूरा किया जाना चाहिए।
सांसद रंधावा ने कहा कि सरकार की गलत नीतियों के कारण कर्मचारी और पेंशनभोगी अपने जायज हकों से वंचित रह रहे हैं। भगवंत मान सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों के बकाया हक तुरंत जारी करे। साथ ही उन्होंने मांग की कि डीए की राशि किस्तों में देने के बजाय एकमुश्त दी जाए ताकि कर्मचारियों को कुछ राहत मिल सके।
रंधावा ने मोहाली की सड़कों के नाम पर 600 करोड़ रुपए का कर्ज लेने पर भी भगवंत मान सरकार की निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार पहले ही कर्ज लेकर पंजाब को आर्थिक तंगी के मुहाने तक ले आई है। इसका सारा बोझ आम लोगों पर ही पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि पंजाब का कर्ज पहले ही 4 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा हो चुका है।


