यदि आप माता वैष्णो देवी की यात्रा का कार्यक्रम बना रहे हैं, तो घर से निकलने से पहले यात्रा पर्ची और अन्य आवश्यक सुविधाओं की ऑनलाइन बुकिंग अवश्य करा लें। स्कूल-कॉलेजों में गर्मी की छुट्टियों के कारण इन दिनों कटड़ा से भवन तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। स्थिति यह है कि निर्धारित समय से पहले ही पंजीकरण केंद्र बंद करने पड़ रहे हैं, जबकि कई महत्वपूर्ण सेवाओं की अग्रिम बुकिंग अगले दो सप्ताह तक पूरी तरह भर चुकी है।
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से यात्रा पर्ची, आवास, हेलीकॉप्टर सेवा, बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी की ऑनलाइन बुकिंग की व्यवस्था की है। बोर्ड ने श्रद्धालुओं से यात्रा से पहले इन सुविधाओं की अग्रिम बुकिंग कराने की अपील की है।
कटड़ा, यात्रा मार्ग और भवन परिसर में भीड़ को नियंत्रित करने के लिए श्रद्धालुओं को लंबे समय तक रुकने की अनुमति नहीं दी जा रही है। श्राइन बोर्ड के अधिकारी लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। पिछले एक सप्ताह में तीन लाख से अधिक श्रद्धालु माता के दर्शन कर चुके हैं। यात्रा पर्ची बनवाने से लेकर भवन परिसर तक हर जगह लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। प्रतिदिन 43 से 50 हजार श्रद्धालु कटड़ा पहुंच रहे हैं।
यदि भीड़ के कारण मुख्य पंजीकरण केंद्र बंद हो जाएं, तो ऑनलाइन यात्रा पर्ची वाले श्रद्धालु दर्शनी ड्योढ़ी और ताराकोट मार्ग स्थित पंजीकरण केंद्रों से आरएफआईडी कार्ड प्राप्त कर सकते हैं। भीड़ के दबाव का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि 6 जून को यात्रा पंजीकरण केंद्र निर्धारित समय से दो घंटे पहले बंद करना पड़ा था। रविवार को भी सभी पंजीकरण केंद्र शाम 6:45 बजे ही बंद कर दिए गए।
श्राइन बोर्ड के अनुसार, एनजीटी के निर्देशों के तहत प्रतिदिन लगभग 50 हजार श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाती है। इसी कारण भीड़ नियंत्रण और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पंजीकरण केंद्र समय से पहले बंद किए जा रहे हैं। सोमवार रात 8:45 बजे तक 48,500 श्रद्धालु कटड़ा से भवन के लिए रवाना हो चुके थे, जबकि 6 से 8 हजार श्रद्धालु यात्रा शुरू होने की प्रतीक्षा कर रहे थे।
वर्तमान में हेलीकॉप्टर, बैटरी कार, भवन से भैरव घाटी तक चलने वाली पैसेंजर केबल कार और भवन स्थित आवास सुविधाओं की अधिकांश ऑनलाइन बुकिंग फुल चल रही है। हालांकि, बुजुर्गों, दिव्यांगजनों और गंभीर रूप से बीमार श्रद्धालुओं के लिए विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।


