Friday, October 16, 2026
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एनआईए ने गाजियाबाद जासूसी मामले में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट की दाखिल

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनएआईए) ने गाजियाबाद जासूसी मामले में लखनऊ की स्पेशल एनआईए कोर्ट में 13 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। जार्जशीट में प्रवीण, राज वाल्मीकि, शिवा वाल्मीकि, ऋतिक गंगवार, समीर उर्फ ​​शूटर, दुर्गेश निषाद, नौशाद, गगन कुमार, विवेक, शिवराज, मीरा ठाकुर और शेन इरम उर्फ ​​महक का नाम शामिल है।

यह कार्रवाई एनआईए ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 61(2) और 152, ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट की धारा 3 और 5, और यूए (पी) एक्ट की धारा 13, 17 और 18 के तहत की है। इस मामले में 5 नाबालिगों के खिलाफ विस्तृत जांच रिपोर्ट (डीआईआर) पहले ही 18 मई 2026 को जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड (जेजेबी) गाजियाबाद के समक्ष जमा की जा चुकी है। यह मामला कमिश्नरेट गाजियाबाद के कौशांबी पुलिस स्टेशन में 14 मार्च 2026 को दर्ज हुआ था। अब तक इस मामले में 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच से यह साबित हुआ है कि आरोपियों ने भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता के खिलाफ गैर-कानूनी काम और गंभीर अपराध करने के लिए आपराधिक साजिश रची थी। यह भी साबित हुआ है कि आरोपियों ने गैर-कानूनी तरीके से बहुत जरूरी और संवेदनशील प्रतिबंधित इलाकों में घुसपैठ की। उन्होंने वहां जासूसी कैमरे लगाए और दुश्मन देश में मौजूद संस्थाओं को संवेदनशील जानकारी (जैसे जियो-टैगिंग वाली तस्वीरें और वीडियो) भेजीं। आरोपियों ने गैर-कानूनी गतिविधियों के लिए भारतीय सिम कार्ड हासिल करने और इस्तेमाल करने में दुश्मन देश से जुड़ी ऐसी संस्थाओं की मदद की। साथ ही, संवेदनशील ठिकानों की तस्वीरें और वीडियो सटीक जीपीएस कोऑर्डिनेट्स के साथ हासिल करने में भी उनकी सक्रिय रूप से मदद की, जिससे देश की संप्रभुता, एकता, अखंडता और सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

गौरतलब है कि थाना कौशाम्बी क्षेत्र में 14 मार्च को सूचना मिली थी कि भोवापुर इलाके में रहने वाले कुछ युवक संदिग्ध गतिविधियों में लिप्त हैं। ये लोग रेलवे स्टेशन, सुरक्षा बलों के ठिकानों और अन्य महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों के वीडियो और फोटो बनाकर विदेश में बैठे लोगों को भेजते थे। साथ ही, पैसों का लालच देकर अन्य युवाओं को भी इस काम में शामिल किया जा रहा था। सूचना के आधार पर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया और शुरुआती चरण में 5 पुरुष और 1 महिला को गिरफ्तार किया। उनके मोबाइल फोन की जांच में कई संवेदनशील स्थानों के वीडियो, फोटो और लोकेशन डाटा बरामद हुआ।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया था। जांच के दौरान 17 मार्च से आरोपियों को पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई, जिसके आधार पर 20 मार्च को 9 और आरोपियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई, जिनमें 5 नाबालिग भी शामिल थे। 22 मार्च को मुख्य आरोपी नौशाद अली उर्फ लालू को गिरफ्तार किया गया। उसकी निशानदेही पर एक महिला आरोपी मीरा और एक नाबालिग को भी पकड़ा गया। पूछताछ में सामने आया कि यह पूरा नेटवर्क सीमापार बैठे हैंडलर्स के इशारे पर काम कर रहा था।

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