Monday, October 19, 2026
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जम्मू में सेना के वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी पर जासूसी का केस, चीन को संवेदनशील डेटा लीक करने का आरोप; FIR दर्ज

सामरिक दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा व्यवस्था से जुड़ा एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला प्रकाश में आया है। जम्मू में तैनात भारतीय सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी की पत्नी के खिलाफ विदेशी खुफिया एजेंसियों से संपर्क साधने और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ी अति-संवेदनशील गोपनीय जानकारी साझा करने के गंभीर आरोपों में गांधी नगर पुलिस थाने में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है। आरोपित महिला की पहचान तेलंगाना के सिकंदराबाद निवासी पलपार्थी नागा अनघा लक्ष्मी के रूप में हुई है, जो हाल ही में जम्मू के सतवारी सैन्य छावनी क्षेत्र में ठहरी हुई थी।

ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट और आपराधिक साजिश की धाराओं में केस दर्ज
सुरक्षा एजेंसियों से मिले ठोस इनपुट के आधार पर जम्मू की गांधी नगर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महिला के खिलाफ ‘ऑफिशियल सीक्रेट्स एक्ट’ (शासकीय गुप्त बात अधिनियम), इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से संवेदनशील सैन्य डेटा लीक करने और देश विरोधी आपराधिक षड्यंत्र रचने से संबंधित गंभीर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। विश्वसनीय सूत्रों के अनुसार, महिला की संदिग्ध गतिविधियों पर मिलिट्री इंटेलिजेंस और अन्य सुरक्षा एजेंसियां पिछले कुछ समय से पैनी नजर रखे हुए थीं।

चीन समेत अन्य विदेशी खुफिया एजेंसियों को डेटा भेजने का शक
प्राथमिक जांच और खुफिया रिपोर्टों में आरोप लगाया गया है कि आरोपित महिला सेना से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज, सैन्य ठिकानों की तस्वीरें और गोपनीय डिजिटल डेटा एकत्र करने तथा उन्हें आगे भेजने के नेटवर्क में शामिल थी। संदेह जताया जा रहा है कि यह संवेदनशील जानकारियां एन्क्रिप्टेड ऑनलाइन मैसेजिंग प्लेटफॉर्म्स और गुप्त डिजिटल माध्यमों के जरिए चीन सहित अन्य विरोधी देशों के खुफिया नेटवर्क तक पहुंचाई जा रही थीं। हालांकि, सुरक्षा की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस व सैन्य अधिकारियों ने यह खुलासा नहीं किया है कि कौन से दस्तावेज लीक हुए हैं, विदेशी हैंडलर्स की वास्तविक पहचान क्या है और कितना डेटा ट्रांसफर किया जा चुका है।

विदेशी जासूसी नेटवर्क और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की फॉरेंसिक जांच जारी
जम्मू-कश्मीर की सीमावर्ती और सामरिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे प्रकरण को शीर्ष प्राथमिकता पर रखकर जांच कर रही हैं। जांच दल इस बात की गहराई से पड़ताल कर रहा है कि क्या आरोपित महिला ने सेना के किसी प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड, नक्शों या गोपनीय फाइलों तक सीधी पहुंच बनाई थी। फिलहाल पुलिस ने तलाशी अभियान, डिजिटल उपकरणों की बरामदगी अथवा गिरफ्तारी से जुड़े संवेदनशील ब्योरे को पूरी तरह गोपनीय रखा है और महिला से जुड़े सभी संभावित विदेशी संपर्कों की तकनीकी कड़ियां जोड़ने में जुटी है।

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