पंजाब सरकार ने राज्य की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और किसी भी आपात स्थिति में नागरिकों तक त्वरित सुरक्षा पहुंचाने के लिए ‘डायल 112’ (Emergency Response Support System) सेवा का बड़े पैमाने पर विस्तार किया है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पुलिस बल के आधुनिकीकरण के तहत 508 नए अत्याधुनिक ‘इमरजेंसी रिस्पॉन्स व्हीकल्स’ (ERV) को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया।
📌 मुख्य विशेषताएं और प्रमुख सुधार
रिस्पॉन्स टाइम में भारी कमी: पहले जहां किसी आपातकालीन कॉल पर पुलिस को पहुंचने में 30 से 45 मिनट का समय लगता था, अब इसे घटाकर 6 से 10 मिनट कर दिया गया है।
हाई-टेक गाड़ियों की तैनाती: सभी 28 पुलिस जिलों में जीपीएस ट्रैकर (GPS), मोबाइल डेटा टर्मिनल और डैशबोर्ड कैमरों से लैस 508 नई बोलेरो गाड़ियां उतारी गई हैं। इससे बेड़े में कुल गाड़ियों की संख्या बढ़कर 764 हो गई है।
एकीकृत सेवाएं (Single Helpline): ‘डायल 112’ को अब हाईवे इमरजेंसी (1033) और साइबर क्राइम हेल्पलाइन (1930) से भी जोड़ दिया गया है, ताकि नागरिक एक ही नंबर पर हर तरह की सहायता प्राप्त कर सकें।
अत्याधुनिक कमांड सेंटर: मोहाली में 112 सेवा का नया हाई-टेक राज्य स्तरीय मुख्यालय (Headquarters) स्थापित किया जा रहा है।
📊 योजना का तुलनात्मक विवरण
विवरण पहले की स्थिति वर्तमान (2026) स्थिति
प्रतिक्रिया समय (Response Time) 30 – 45 मिनट 6 – 10 मिनट
इमरजेंसी गाड़ियां (ERVs) ~258 गाड़ियां 764 से अधिक गाड़ियां
सुविधाएं बेसिक पुलिस कॉल जीपीएस, साइबर सुरक्षा, हाईवे हेल्पलाइन से एकीकृत
सरकार का बयान:
“हमारा लक्ष्य पंजाब के हर नागरिक को यह भरोसा दिलाना है कि संकट के समय सरकार और पुलिस कुछ ही मिनटों की दूरी पर है। यह कदम राज्य में महिलाओं, बुजुर्गों और आम जनता की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।”


