Tuesday, March 10, 2026
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एनआरआई सभा पंजाब: पांच जनवरी को होगा चुनाव, 1996 में गठन के बाद पहली बार 2010 में हुई थी वोटिंग

एनआरआई सभा पंजाब में सदस्यों की संख्या 24 हजार से अधिक है लेकिन आजतक 2500 से ज्यादा वोट नहीं पड़े, जिसका कारण है सभा के सदस्यों की सक्रियता न होना। एनआरआई सभा के प्रधान पद का कार्यकाल दो साल का होता है एनआरआई सभा पंजाब रजि. के चुनाव पांच जनवरी को हैं, जिसको लेकर जालंधर प्रशासन पूरी तरह से तैयार है। एनआरआई सभा पंजाब 1996 में चर्चा में आई थी, जिसे 1998 में रजिस्टर कराया गया था।

विदेशों में बसे पंजाबी और पांच साल से अधिक समय तक विदेशों में काम करने वाले लोग भी सभा के सदस्य हैं जिनकी संख्या 24 हजार से अधिक हो चुकी है।

 

1997 में जब पहली बार सभा के चुनाव हुए तो एडवोकेट प्रेम सिंह सर्वसम्मति से प्रधान बने, तब सदस्यों की संख्या 300 के करीब थी। एनआरआई को समस्याएं आने लगी तो सभा उन्हें हल करवाती थी, जिसके बाद सदस्यों की संख्या लगातार बढ़ती गई। वर्तमान में 24 हजार से अधिक सक्रिय सदस्य हैं जो चुनाव प्रक्रिया में भाग लेंगे।

2010 में पहली बार हुए थे चुनाव
एनआरआई सभा के प्रधान पद का कार्यकाल दो साल का होता है। 2010 में पहली बार चुनाव हुए, जिसमें 2200 के करीब वोटिंग हुई थी। उस समय कमलजीत सिंह चुनाव लड़कर सभा के पहले प्रधान बने। इससे पहले 1997 से 2008 तक 5 बार चुनाव हुए, जिसमें सर्वसम्मति से प्रधान चुने गए थे।

पांच साल नहीं हुए थे चुनाव
साल 2015 से 2020 तक तकनीकी कारणों से सभा पहली बार बिना प्रधान के रही और सारा कामकाज प्रशासन के जरिये सरकार के नुमाइंदे खुद देख रहे थे। वहीं 27 दिसंबर तक रजिस्ट्रेशन करवाने वाले सदस्य ही 2024 के चुनाव में मतदान कर सकते हैं। अब जो नए सदस्य बनेंगे वो 2026 में होने वाले चुनाव में मतदान कर पाएंगे। सभा के प्रधान पद का चुनाव लोकसभा सदस्य के चुनाव की तरह होता है और जिला प्रशासन की देखरेख में चुनावी प्रक्रिया संपन्न होती है। सभा का सदस्य बनने के लिए पहले सदस्य से 10500 और दूसरा सदस्य बनने पर 5500 रुपये रजिस्ट्रेशन फीस लगती है।

प्रधान पद के उम्मीदवार विदेशों से बुलाते हैं वोटर
एनआरआई सभा पंजाब में सदस्यों की संख्या 24 हजार से अधिक है लेकिन आजतक 2500 से ज्यादा वोट नहीं पड़े, जिसका कारण है सभा के सदस्यों की सक्रियता न होना। चुनाव में सिर्फ वहीं सदस्य वोट डालने पहुंचते हैं जिन्हें प्रधान पद के उम्मीदवार विशेष तौर पर बुलाते हैं या जो छुट्टियों में घर आए होते हैं। चुनाव से पहले सभा की वेबसाइट पर संपूर्ण जानकारी अपलोड कर दी जाती है और सदस्यों से चुनाव प्रक्रिया में भाग लेने की अपील करते हैं लेकिन वोट प्रतिशत नहीं बढ़ा।

एनआरआई सभा की ये संभाल चुके कमान
एडवोकेट प्रेम सिंह                – 1997 से जनवरी 2000 तक (सर्वसम्मति)
ज्ञानी रेशन सिंह हेयर             – जनवरी 2000 से 2002 तक
प्रीतम सिंह नारंगपुर               – जनवरी 2002 से 2004 तक
ज्ञानी रेशन सिंह हेयर              – फरवरी 2006 से 2008 तक
कमलजीत सिंह हेयर              – फरवरी 2008 से 2010 तक
कमलजीत सिंह हेयर              – अप्रैल 2010 से 2012 तक
जसबीर सिंह गिल                  – जनवरी 2013 से 2015 तक
किरपाल सिंह सहोता              – मार्च 2020 से 2022 तक

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