चंडीगढ़ के आठ स्थानों पर ट्रैफिक पुलिस असिस्टेंट बूथों का निर्माण किया जाएगा। इन बूथों से कोई भी जन सूचना दी जा सकेगी। साउंड सिस्टम और माइक्रोफोन की व्यवस्था होगी। चारों तरफ स्क्रीन लगी होगी। इनमें आवश्यक सूचनाओं को प्रदर्शित किया जाएगा।

चंडीगढ़ में जल्द ही ट्रैफिक पुलिस असिस्टेंट बूथों का निर्माण होगा। इन बूथों का निर्माण दिल्ली के मॉडल बीट हाउस की तर्ज पर किया जाएगा। पहले चरण में कुल 8 स्थानों को चिन्हित किया गया है। इनकी शुरुआत मटका चौक से की जाएगी। प्रि-फेब्रिकेटिड मेटिरियल से बनने वाले इन बूथों के चारों तरफ एलईडी बोर्ड होंगे जिस पर जनता के लिए हेल्पलाइन नंबर या कोई भी आवश्यक सूचना प्रदर्शित की जा सकेगी।
वहीं माइक्रोफोन और स्पीकर वाले साउंड सिस्टम भी होंगे। इससे कोई भी जन सूचना माइक्रोफोन, पेन ड्राइव या स्मार्टफोन से दी जा सकेगी। वहीं शहर में कई घंटे चौराहों पर ड्यूटी देने वाले पुलिस मुलाजिमों के लिए लघुशंका की सुविधा को देखते हुए वाटरलेस यूरिनेशन की दिशा में भी विचार किया जा रहा है।
तत्कालीन एसएसपी (यातायात एवं सुरक्षा) मनीषा चौधरी ने पिछले वर्ष ट्रांसपोर्ट सचिव से मांग की थी कि प्रशासन और निगम के चीफ इंजीनियर को आदेश दिए जाए जनहित में दिल्ली के मॉडल बीट हाउस की तर्ज पर प्राथमिकता के आधार पर ट्रैफिक पुलिस असिस्टेंट बूथों का निर्माण करवाया जाए। मनीषा चौधरी ने ट्रांसपोर्ट सचिव को शहर के प्रमुख चौराहों पर ट्रैफिक पुलिस असिस्टेंट बूथों के निर्माण को लेकर पत्र लिखा था। इससे पहले नवंबर, 2021 में राज्य स्तरीय रोड सेफ्टी काउंसिल की बैठक में यूटी प्रशासन के चीफ इंजीनियर और चीफ आर्किटेक्ट के साथ उन जगहों का सर्वेक्षण करने की बात पर सहमति बनी थी जहां शहर में इस प्रकार के बूथ बनाए जाने हैं।
28 फरवरी 2022 को पुलिस-प्रशासन का एक संयुक्त सर्वेक्षण हुआ था। इसके तहत कुछ चौराहे चिन्हित किए गए जहां पहले चरण में ट्रैफिक पुलिस असिस्टेंट बूथ बनाए जाने के लिए पर्याप्त जगह हैं। इनमें चार मध्य मार्ग/ जन मार्ग, तीन दक्षिण मार्ग एवं एक पूर्व मार्ग में था।


