छात्रों की दक्षताओं को जीरो पीरियड, स्कूल घंटों के बाद 30 मिनट की सुधारात्मक कक्षाओं में सुधारा जाएगा। शिक्षा निदेशालय का मानना है कि इससे छात्रों के सीखने के अंतर को सुधारने में भी मदद मिलेगी।

शिक्षा निदेशालय ने सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के आठवीं, नौवीं और ग्यारहवीं के छात्रों की पिछली कक्षाओं की आधारभूत दक्षताओं को मजबूत करने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। निदेशालय ने इसके लिए दो सप्ताह का एक्शन प्लान तैयार किया है। इस प्लान के आधार पर सोमवार (15 जुलाई) से कक्षाओं की शुरूआत करने को कहा गया है। इन कक्षाओं के लिए ऐसे छात्रों की पहचान की गई है जो छात्र किसी विषय में ग्रेस अंकों से पास हुए हों, कंपार्टमेंट परीक्षा देने के बाद पास हुए हों, छात्र ने किसी विषय में 40 फीसदी या उससे कम अंक प्राप्त किए हों।
छात्रों की दक्षताओं को जीरो पीरियड, स्कूल घंटों के बाद 30 मिनट की सुधारात्मक कक्षाओं में सुधारा जाएगा। शिक्षा निदेशालय का मानना है कि इससे छात्रों के सीखने के अंतर को सुधारने में भी मदद मिलेगी। इस संबंध में निदेशालय ने स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं।
इस कार्य योजना के तहत विषयानुसार शिक्षकों को सुझाव भी दिए गए हैं। शिक्षकों से कहा गया है कि वह छात्रों से सबसे पहले पिछली कक्षाओं में पढ़े गए विषय और उसके पाठ्य बिंदुओं पर सामान्य चर्चा करें तथा छात्रों की विषय विशेष से जोड़ने का कार्य करें। कक्षा के छात्रों की विषय के प्रति सहज बनाने और विषय के प्रति रुचि उत्पन्न करने के लिए भी कहा गया है। खासकर कक्षा में सभी छात्रों की सहभागिता पर बल देने के लिए कहा है।


