केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) का पुनर्मूल्यांकन और सत्यापन पोर्टल लॉन्च होते ही तकनीकी खामियों का शिकार हो गया। करीब चार दिन के इंतजार के बाद पोर्टल के सक्रिय होने से छात्रों को राहत मिली थी, लेकिन कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर शिकायतों की बाढ़ आ गई। हालांकि, बोर्ड का दावा है कि पोर्टल को दोबारा सक्रिय कर दिया गया है।
छात्रों के अनुसार, लॉगिन विवरण दर्ज करने के बाद स्क्रीन फ्रीज हो रही थी, जिससे आवेदन प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही थी। कई छात्रों ने पोर्टल में आ रही तकनीकी गड़बड़ियों के वीडियो भी सोशल मीडिया पर साझा किए हैं। वहीं, कुछ छात्रों ने लॉगिन संबंधी समस्याओं की शिकायत दर्ज कराई है।
पोर्टल में आई इन तकनीकी दिक्कतों के बाद छात्रों और अभिभावकों में नाराजगी बढ़ गई है। यह समस्या ऐसे समय सामने आई है, जब बोर्ड की ओर से पोर्टल लॉन्च को लेकर कई बार आश्वासन दिए जा चुके थे। छात्रों का कहना है कि लंबे इंतजार के बाद सेवा शुरू हुई, लेकिन कुछ ही समय में उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि इस समस्या से 4,04,319 से अधिक छात्र प्रभावित हुए हैं, जिन्हें इस वर्ष अंकों के सत्यापन, उत्तर पुस्तिकाओं की फोटोकॉपी और पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन करना है।
सीबीएसई की नई ऑन-स्क्रीन मार्किंग प्रणाली को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है। इसी बीच Dharmendra Pradhan ने अनुमान जताया था कि मूल्यांकन की गई उत्तर पुस्तिकाओं को देखने वाले लगभग हर पांच में से एक छात्र सत्यापन या पुनर्मूल्यांकन के लिए आवेदन कर सकता है। इसके आधार पर करीब 80 हजार आवेदन मिलने की संभावना व्यक्त की गई थी।
कक्षा 12वीं के परिणाम घोषित होने के बाद से ही पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया सवालों के घेरे में रही है। छात्रों और अभिभावकों ने भुगतान गेटवे में खराबी, अतिरिक्त शुल्क कटने, रसीद न मिलने, लॉगिन संबंधी समस्याओं तथा स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाओं तक पहुंच में कठिनाइयों की शिकायत की है।
कुछ छात्रों ने यह भी दावा किया है कि उन्हें उपलब्ध कराई गई उत्तर पुस्तिकाओं की प्रतियां धुंधली या अधूरी थीं। वहीं, कुछ अभ्यर्थियों का कहना है कि उपलब्ध कराई गई प्रतियां उनके मूल उत्तरों से मेल नहीं खाती थीं।
फिलहाल बोर्ड ने पोर्टल को दोबारा सक्रिय करने का दावा किया है, लेकिन छात्रों की शिकायतों के पूर्ण समाधान को लेकर स्थिति पर नजर बनी हुई है।


