यह लोग न केवल बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में घुस रहे हैं, बल्कि देश के पैसे को भी बॉर्डर से अवैध तरीके से भेज रहे हैं।
गृह मंत्रालय के आदेश के बाद भारत में अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों को पकड़कर वापस उनके देश निर्वासित करने के दिल्ली पुलिस के अभियान के दौरान सनसनीखेज खुलासा हुआ है। यह लोग न केवल बॉर्डर से अवैध रूप से भारत में घुस रहे हैं, बल्कि देश के पैसे को भी बॉर्डर से अवैध तरीके से भेज रहे हैं।
बांग्लादेशियों को दिल्ली समेत भारत में लाने, उन्हें के भारत में रहने के फर्जी दस्तावेज बनवाने, यहां रहने की व्यवस्था करने, झुग्गी बस्ती में बसाने और यहां उनके परिजनों को पैसे भेजने के एक पीछे एक बड़ा नेटवर्क काम कर रहा है। दिल्ली पुलिस खासकर दक्षिण जिला पुलिस इस नेटवर्क को ध्वस्त करने में जुटी है। दक्षिण जिला पुलिस ने पश्चिमी बंगाल में भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर दबिश देकर इन नेटवर्क के लोगों को पकड़ा है।
कॉरपोरेट हाउस की तरह करते हैं काम
दक्षिण जिले के पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बांग्लादेश से आए नागरिकों को भारत में अवैध रूप से प्रवेश कराने से लेकर भारत में बसाने व भारत से बांग्लादेश पैसे भेजने के पीछे एक नेटवर्क काम कर रहा है। गिरोह एक कॉरपोरेट हाउस की तरह काम करता है। गिरोह की पहली कड़ी बांग्लादेशियों को भारत में जंगल के रास्ते अवैध रूप से प्रवेश कराना है। दूसरा गिरोह उन्हें बॉर्डर के जंगल से रेलवे स्टेशन पर लाता है। इसके बाद इनको दिल्ली लाया जाता है। यहां उनके फर्जी भारतीय कागजात अन्य गिरोह बनाता है। बांग्लादेशी दिल्ली में आधार कार्ड, पेन कार्ड व अन्य कागजात आसानी से बनवा लेते हैं।
बॉर्डर पर बैठे हैं सैंकड़ों मनी एक्सचेंजर
दिल्ली पुलिस के अधिकारियों के अनुसार भारत-बांग्लादेश बॉर्डर पर सैंकड़ों की संख्या में मनी एक्सचेंजर बैठे हैं। दिल्ली में रहने वाले बांग्लादेशी को जब उसके देश उसके परिजनों पैसे भेजने होते हैं तो वह एजेंट के जरिए रकम को बांग्लादेश बॉर्डर पर पहुंचा देते है। यहां पर मनी एक्सचेंजर रुपये को टका में बदलकर दूसरे एजेंट को सौंप दिया जाता है। वह उस पैसे को बांग्लादेशी नागरिक के परिजनों तक पहुंचा देते हैं। हर मनी एक्सचेंजर का अलग-अलग कमीशन है। ये कमीशन एक से दस प्रतिशत तक है।
दिल्ली पुलिस आयुक्त के आदेश के बाद दक्षिण जिला पुलिस अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशियों व उनकी सहायता करने वालों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में लगी हुई है। दक्षिण जिला पुलिस इस नेटवर्क के काफी करीब है।


