Tuesday, October 27, 2026
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Home Ministry: उल्फा पर पांच साल का प्रतिबंध जारी रहेगा; म्यामांर में संगठन के 250 उग्रवादी

केंद्र सरकार ने फैसला लिया है कि प्रतिबंधित संगठन- उल्फा पर लगाई गई पांच साल की पाबंदियां जारी रहेंगी। सरकार के मुताबिक म्यांमार में संगठन के 250 उग्रवादी हैं। बता दें कि केंद्र ने पिछले साल पाबंदी बढ़ाई थी। एक बार भी इसे जारी रखने को न्यायाधिकरण ने मंजूरी दे दी हैं।

यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (उल्फा) पर लगाया गया पांच साल का प्रतिबंध जारी रहेगा। न्यायिक न्यायाधिकरण ने केंद्र सरकार के उल्फा पर पिछले साल नवंबर में प्रतिबंध को पांच और साल के लिए बढ़ाने के फैसले की मंजूरी दे दी है। उल्फा पर पिछले 35 सालों से प्रतिबंध लगा हुआ है। इसके म्यांमार में करीब 200-250 उग्रवादी हैं और मौजूदा समय में इसके पास 200 हथियार होने का अनुमान है।

उल्फा की गतिविधियों पर दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए जाने के बाद गुवाहाटी हाईकोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस माइकल जोथानखुमा की अध्यक्षता वाले न्यायाधिकरण ने लगाए गए प्रतिबंध की 21 मई को पुष्टि की। न्यायाधिकरण का गठन यह निर्णय करने के लिए हुआ था कि क्या उल्फा तथा उसके सभी गुटों, शाखाओं और फ्रंट संगठनों को गैरकानूनी संगठन घोषित करने के लिए पर्याप्त कारण हैं या नहीं।

उल्फा म्यांमार में चला रहा चार बड़े शिविर
गृह मंत्रालय से जारी अधिसूचना के अनुसार न्यायाधिकरण को बताया गया है कि फिलहाल, उल्फा के ज्यादातर कैडर या नेता म्यांमार में ही हैं और वहां चार बड़े शिविर चलाते हैं। उल्फा परिचालन और रसद उद्देश्यों के लिए अन्य भारतीय विद्रोही समूहों के साथ भी संबंध बनाए हुए है।

संगठन से जुड़े दो सौ से अधिक गिरफ्तार
न्यायाधिकरण को असम सरकार ने यह भी बताया कि पिछले पांच वर्षों में उल्फा के 56 कैडरों के साथ-साथ 177 फ्रंटमैन, ओवर ग्राउंड वर्कर्स (ओजीडब्ल्यू), समर्थकों को भी गिरफ्तार किया गया, जबकि 63 कैडरों ने आत्मसमर्पण कर दिया। इस अवधि के दौरान बड़ी संख्या में हथियार भी बरामद किए गए।

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