Friday, April 17, 2026
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पंजाब में बढ़-फूल रहा है मछली पालन क्षेत्र, वार्षिक 2 लाख मीट्रिक टन तक पहुँचा मछली उत्पादन: गुरमीत सिंह खुड्डियां

राष्ट्रीय मछली पालक दिवस के मौके पर आज पंजाब के पशु पालन, डेयरी विकास और मछली पालन मंत्री स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि राज्य में मछली पालन क्षेत्र लगातार बढ़-फूल रहा है और राज्य में पानी के कुदरती स्रोतों, निजी तलाबों और छप्पड़ों में से वार्षिक 2 लाख मीट्रिक टन मछली पैदा की जा रही है।

मछली पालन क्षेत्र की प्रगति पर रौशनी डालते हुये स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने बताया कि पंजाब में इस समय 43,683 एकड़ से अधिक क्षेत्र मछली पालन के अधीन और करीब 985 एकड़ क्षेत्र झींगा पालन के अधीन है, जो राज्य में जल- जीवों के पालन- पोषण के बढ़ रहे रुझान को दर्शाता है।

उन्होंने आगे बताया कि मछली पालन क्षेत्र के विकास के लिए 16 सरकारी मछली पुंग फार्म, 11 मछली फीड मिलें और 7 लैबाट्रियां सक्रियता से राज्य के किसानों की मदद के लिए काम कर रही हैं। इसके इलावा 637 मछली पालकों को मछली पालन के विभिन्न प्रोजेक्टों के अंतर्गत 30.64 करोड़ रुपए की वित्तीय सहायता दी गई है जिसमें मछली और झींगा पालन के लिए तालाब का निर्माण, मछली फीड मिलें, रीसर्क्युलेटरी एक्वाकल्चर सिस्टम (आरएएस), बायोफ्लौक- कल्चर सिस्टम, आईस बॉक्स की सुविधा वाले इंसुलेटेड वाहन, मोटरसाईकल और आटो- रिक्शा शामिल हैं, जिन पर 40 से 60 फीसद तक की सब्सिडी दी जा रही है।

उन्होंने आगे बताया कि इसके साथ ही साफ़-सुथरे वातावरण में मछली और मछली उत्पादों की बिक्री के लिए 8 प्राईवेट फिश कियोस्क भी स्थापित किये गए हैं।

राज्य के मछली पालकों को राष्ट्रीय मछली पालक दिवस के मौके पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुये स. गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री स. भगवंत सिंह मान के योग्य नेतृत्व अधीन मछली पालन क्षेत्र अच्छी तरह बढ़-फूल रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार के इन यत्नों ने मछली पालन और सहायक उद्योगों में विकास के लिए विशाल संभावनाएं पैदा करने के साथ-साथ मछली और झींगा प्रोसेसिंग के लिए विकास के नये रास्ते खोले हैं। इस प्रगति स्वरूप पंजाब की आर्थिकता को बढ़ावा मिलेगा जिससे रोज़गार के नये के मौके पर भी पैदा होंगे।

मछली पालन मंत्री ने राज्य के नौजवानों को मछली पालन के पेशे को स्व- रोज़गार के एक लाभप्रद के मौके पर तौर पर देखने की अपील करते हुये इस उद्यम को अपना कर राज्य के आर्थिक विकास में हिस्सेदार बनने के लिए कहा।

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