Saturday, November 7, 2026
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JEE-NEET 2026 परीक्षा देने वाले छात्र ध्यान दें! NTA बदल सकता है परीक्षा का पूरा सिस्टम, नॉर्मलाइजेशन पर लगेगी रोक?

देश की सबसे बड़ी परीक्षा एजेंसी, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने 2025 सत्र की सभी प्रमुख प्रवेश परीक्षाएं (जेईई मेन, नीट यूजी, सीयूईटी आदि) पूरी करने के बाद अब 2026 की तैयारियों पर काम शुरू कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, NTA इस बार परीक्षा प्रणाली में कुछ बड़े और महत्वपूर्ण बदलाव करने पर विचार कर रहा है, जिसका मुख्य कारण अंकों की नॉर्मलाइजेशन प्रक्रिया को लेकर लगातार मिल रही शिकायतें हैं।

क्यों हो रहा है बदलाव? नॉर्मलाइजेशन बनी बड़ी वजह

दरअसल, जेईई मेन (JEE Main), नीट (NEET) और सीयूईटी (CUET) जैसी बड़ी परीक्षाएं कंप्यूटर आधारित होती हैं और लाखों छात्रों के कारण कई दिनों और कई पालियों (Shifts) में आयोजित की जाती हैं। अलग-अलग पालियों में प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में अंतर होने के कारण NTA नॉर्मलाइजेशन (Normalization) का फॉर्मूला अपनाता है। लेकिन लंबे समय से छात्रों और विशेषज्ञों की ओर से यह शिकायत मिल रही है कि इस प्रक्रिया से कई बार मेधावी छात्रों को नुकसान होता है। समान अंक होने के बावजूद अलग-अलग पालियों के छात्रों के पर्सेंटाइल में बड़ा अंतर आ जाता है, जिससे उनकी रैंक प्रभावित होती है।

JEE Main 2026 के लिए कमेटी गठित

इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए NTA ने एक्शन मोड में काम शुरू कर दिया है। जेईई मेन 2026 के जनवरी सत्र के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया गया है। माना जा रहा है कि यह कमेटी नॉर्मलाइजेशन की समस्या का समाधान सुझाएगी। कमेटी की सिफारिशों के आधार पर NTA अक्टूबर 2025 तक जेईई मेन 2026 के लिए आधिकारिक शेड्यूल जारी कर सकता है।

क्या हो सकते हैं संभावित बदलाव?

NTA नॉर्मलाइजेशन की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए कुछ बड़े कदम उठा सकता है। सबसे प्रभावी समाधान यह होगा कि परीक्षाओं को एक ही पाली में आयोजित करने का प्रयास किया जाए, जिससे अलग-अलग प्रश्नपत्रों के कठिनाई स्तर में भिन्नता की कोई गुंजाइश न रहे और नॉर्मलाइजेशन की आवश्यकता ही समाप्त हो जाए। हालांकि, यदि एक पाली में परीक्षा आयोजित करना संभव न हो, तो एक वैकल्पिक उपाय के रूप में किसी नए, अधिक उन्नत और पूरी तरह से पारदर्शी नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले को अपनाया जा सकता है। इन संभावित बदलावों का एकमात्र और अंतिम उद्देश्य लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी इस प्रवेश परीक्षा की प्रक्रिया को निष्पक्ष, विश्वसनीय और पारदर्शी बनाना है।

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