Monday, April 20, 2026
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मोदी सरकार ने पाकिस्तान के पवित्र स्थानों के दर्शनों की आज्ञा ना देकर सिखों की मानसिकता को गहरी ठेस पहुंचाई: मुख्य मंत्री

भारत सरकार की ओर से श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर सिख श्रद्धालुओं के जत्थे को पाकिस्तान भेजने पर प्रतिबंध लगाने के फैसले पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कड़ा ऐतराज जताया है।

मुख्यमंत्री ने अफसोस जाहिर किया कि यह समझना बहुत मुश्किल है कि क्या भाजपा की नीति पाकिस्तान के खिलाफ है या अपने ही लोगों के खिलाफ। उन्होंने कहा कि इससे मोदी सरकार का पंजाब विरोधी रवैया झलकता है। उन्होंने कहा कि अगर एक पाकिस्तानी अभिनेत्री किसी पंजाबी अभिनेता के साथ फिल्म करती है, तो केंद्र सरकार उस फिल्म पर प्रतिबंध लगा देती है और पंजाबियों को गद्दार करार देती है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि केंद्र सरकार के सौतेले मां जैसे व्यवहार से हमारी फिल्म इंडस्ट्री और पंजाबी कलाकारों को नुकसान हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हालांकि यह फिल्म पुलवामा आतंकी हमले से काफी पहले फिल्माई गई थी, लेकिन पुलवामा हमले के बहाने फिल्म पर प्रतिबंध लगाना सरासर अन्याय है। उन्होंने कहा कि इसके विपरीत, भारत और पाकिस्तान के बीच क्रिकेट मैच की अनुमति केवल इसलिए दी जाती है क्योंकि ‘बड़े साहब’ का बेटा यह मैच करवाना चाहता था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा की नेतृत्व वाली ‘ट्रोल आर्मी’ ने पंजाबी अभिनेताओं और निर्माताओं को गद्दार तक कह दिया, लेकिन अब दोनों देशों के बीच हुए क्रिकेट मुकाबले के बारे में हर कोई चुप है।

मुख्यमंत्री ने अफसोस जताया कि जब क्रिकेट बोर्ड अमित शाह के बेटे के हाथों में है, तब पाकिस्तान के साथ अचानक मैच करवाना भारत सरकार की मजबूरी थी। उन्होंने कहा कि हर कोई जानता है कि पाकिस्तान के भारत विरोधी रवैये को देखते हुए यह आसानी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि ऐसे मैचों से मिलने वाले पैसे का पाकिस्तान क्या करेगा। उन्होंने कहा कि दूसरे शब्दों में, इससे पाकिस्तान को फायदा होगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि अगर भारत, पाकिस्तान के साथ मैच खेल सकता है, तो श्रद्धालु श्री करतारपुर साहिब और श्री ननकाना साहिब माथा टेकने क्यों नहीं जा सकते।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जब अफगानिस्तान में भूकंप आया, तब भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने वहां तुरंत मदद भेज दी। उन्होंने कहा कि अब जब पंजाब बाढ़ के कारण तबाही का सामना कर रहा है, तब भाजपा की नेतृत्व वाली केंद्र सरकार ने पंजाब के जायज फंड भी रोक दिए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि भाजपा लगातार पंजाब और पंजाबियों के साथ भेदभाव करती आ रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने अभी तक प्रधानमंत्री द्वारा घोषित 1600 करोड़ रुपए भी जारी नहीं किए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कल तक पंजाब के भाजपा नेता राज्य सरकार के खिलाफ निराधार सवाल उठाते रहे। उन्होंने जाखड़ और बिट्टू को चुनौती दी कि वे बताएं कि जब क्रिकेट मैच की अनुमति दी जा सकती है, तो जत्थे श्री करतारपुर साहिब क्यों नहीं जा सकते। उन्होंने कहा कि करतारपुर साहिब वह पवित्र स्थान है, जहां श्री गुरु नानक देव जी ने अपने जीवन के आखिरी साल बिताए, जबकि श्री ननकाना साहिब में गुरु साहिब का जन्म हुआ था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हमारे लिए यह मुद्दे सियासत या कारोबार नहीं, बल्कि हमारी भावनाओं से जुड़े हैं, क्योंकि ये दोनों स्थान पंजाबियों की आस्था के बड़े केंद्र हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाबी इन स्थानों पर अपने गुरु के दर्शन करना चाहते हैं और कहा कि श्रद्धालुओं को इन पवित्र स्थानों पर जाने से रोकना न केवल अन्याय है, बल्कि यह लाखों सिखों की धार्मिक भावनाओं को भी गहरी ठेस पहुंचाता है। भगवंत सिंह मान ने सवाल किया कि क्या अमित शाह का बेटा सरकार के लिए लाखों सिख संगतों से ज्यादा महत्वपूर्ण है? उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की कि राजनीति इंतजार कर सकती है, क्रिकेट इंतजार कर सकता है, लेकिन श्रद्धा इंतजार नहीं कर सकती।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चढ़ते और लहिंदे पंजाब के बीच भाईचारे और सांस्कृतिक साझा है, लेकिन ये नेता अपनी घटिया साजिशों से इसे कमजोर करने पर तुले हुए हैं। उन्होंने कहा कि आज मोदी देश के प्रधानमंत्री इसलिए हैं क्योंकि पंजाबियों ने विदेशी साम्राज्यवाद की गुलामी की बेड़ियों को तोड़ने के लिए राष्ट्रीय स्वतंत्रता संग्राम में महान बलिदान दिए। भगवंत सिंह मान ने कहा कि देश को अनाज उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने में पंजाब का बड़ा योगदान है और मोदी और उनके समूह के निजी हितों के लिए ऐसी चयनात्मक अनुमतियों और प्रतिबंधों को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनावी कार्यक्रम के अनुसार राज्यों को पैकेज दिए जाते हैं, जिसके कारण असम, बिहार और अन्य राज्यों को विकास के लिए बड़े पैकेज मिल रहे हैं, जबकि बाढ़ राहत के लिए जानबूझकर पंजाब की मदद नहीं की जा रही। जाखड़, बिट्टू और अन्य की भागीदारी वाली भाजपा की कांग्रेस इकाई के संदिग्ध रुख की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा कि ये नेता अपने निजी हितों की रक्षा के लिए भगवा पार्टी में शामिल हुए हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य के लोग अकाली, भाजपा और अन्य के दोहरे चेहरों से अच्छी तरह वाकिफ हैं, जिन्होंने राज्य का पैसा लूटने के अलावा कुछ नहीं किया।

मुख्यमंत्री ने दोहराया कि मोदी सरकार पंजाब विरोधी मानसिकता की शिकार है, जिसके कारण वह राज्य को बर्बाद करने पर तुली हुई है। उन्होंने कहा कि अगर भाजपा के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार की मर्जी चले, तो वह राष्ट्रीय गीत से भी पंजाब का नाम हटा दे। भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब को किसी से, खासकर आज केंद्र की सत्ता में बैठे लोगों से देशभक्ति का सर्टिफिकेट लेने की जरूरत नहीं है।

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