जयपुर के सवाई मान सिंह (एसएमएस) अस्पताल के ट्रॉमा आईसीयू में रविवार देर रात लगी भीषण आग में 7 मरीजों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि 5 की हालत गंभीर बताई जा रही है। हादसे की सूचना मिलते ही मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा मौके पर पहुंचे और राहत-बचाव कार्य का जायजा लिया।
अस्पताल के इंचार्ज जगदीश मोदी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की बात सामने आई है। अचानक लगी आग ने एक-दो मिनट में पूरे आईसीयू वार्ड को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे अफरातफरी मच गई। अस्पताल स्टाफ ने तुरंत मरीजों को दूसरे वार्डों में शिफ्ट किया। जयपुर पुलिस आयुक्त बीजू जॉर्ज जोसेफ ने बताया कि आग पर काबू पा लिया गया है, लेकिन पूरा आईसीयू वार्ड जलकर खाक हो गया है। दमकलकर्मियों को आग बुझाने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। उन्होंने बताया कि धुएं के बाहर न निकल पाने के कारण स्थिति बेहद विकट थी।
एक दमकलकर्मी ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पाने और घायलों को बाहर निकालने में करीब डेढ़ से दो घंटे का समय लगा। इस दौरान दमकलकर्मी और अस्पताल स्टाफ ने जोखिम उठाकर मरीजों को बाहर निकाला। चश्मदीदों के अनुसार आग लगते ही अस्पताल में भगदड़ मच गई थी। कुछ स्टाफ आग बुझाने में जुट गया, जबकि बाकी मरीजों को बाहर निकालने में मदद कर रहे थे। कई मरीजों की मौत दम घुटने से हुई बताई जा रही है।
हादसे में अपनी मां को खोने वाले नरेंद्र ने कहा, “मां की हालत में सुधार था, उन्हें दोपहर में नॉर्मल वार्ड में शिफ्ट किया जाना था, लेकिन इससे पहले ही यह हादसा हो गया।” वहीं एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसकी भाभी दो हफ्ते से अस्पताल में भर्ती थीं। आग इतनी तेज थी कि उन्हें बचाने की कोशिश में भतीजे का भी दम घुट गया, अब वह खुद सांस लेने में दिक्कत महसूस कर रहा है। प्रशासन ने मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। मुख्यमंत्री ने मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई और घायलों को हर संभव सहायता देने के निर्देश दिए।


