सोशल मीडिया एक ऐसा मंच है जहां कब कौन सा दांव उल्टा पड़ जाए, यह कोई नहीं जानता। कई बार इंसान किसी बड़े मुद्दे पर अपनी बात बेबाकी से रखता है, लेकिन चर्चा उस मुद्दे की बजाय किसी और ही बात पर होने लगती है। पश्चिम बंगाल की रहने वाली एक असिस्टेंट प्रोफेसर के साथ भी बिल्कुल ऐसा ही हुआ है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर निशाना साधने के चक्कर में उन्होंने अपनी डिग्रियों का ऐसा बखान किया कि लोग उनके सवाल को छोड़कर उनकी अंग्रेजी का ही पोस्टमार्टम करने लगे। अब आलम यह है कि यह पोस्ट राजनीतिक बहस का कम और इंग्लिश ग्रामर की क्लास का अड्डा ज्यादा बन गया है।
डिग्रियों की लिस्ट गिनाकर राहुल गांधी से पूछा था सवाल
पश्चिम बंगाल की रहने वाली अर्पिता चटर्जी खुद को एक असिस्टेंट प्रोफेसर बताती हैं। उन्होंने माइक्रोब्लॉगिंग साइट एक्स (X) पर कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर तंज कसते हुए एक पोस्ट लिखी थी। अपनी इस पोस्ट में अर्पिता ने अपनी शैक्षणिक योग्यताओं का शानदार जिक्र करते हुए लिखा कि उनके पास अंग्रेजी और एजुकेशन में दो-दो मास्टर डिग्री हैं। उन्होंने बी.एड. किया हुआ है और वह फिलहाल अपनी पीएचडी भी पूरी कर रही हैं। अपनी इन भारी-भरकम डिग्रियों का हवाला देते हुए उन्होंने राहुल गांधी से तीखा सवाल पूछा कि अगर आपके नजरिए से ‘अंधभक्त’ बेवकूफ होते हैं, तो क्या इतनी पढ़ी-लिखी होने के बावजूद मैं भी बेवकूफ हूं?
सवाल से भटके यूजर्स, निकालने लगे ग्रामर की गलतियां
प्रोफेसर साहिबा को लगा था कि उनका यह कड़क सवाल सोशल मीडिया पर एक नई राजनीतिक बहस छेड़ देगा, लेकिन बाजी पूरी तरह से पलट गई। जैसे ही यह पोस्ट वायरल हुई, नेटिजेंस की नजरें राहुल गांधी पर किए गए तंज से हटकर अर्पिता की अंग्रेजी पर टिक गईं। सोशल मीडिया यूजर्स ने उनकी पोस्ट में एक के बाद एक कई ग्रामर की गलतियां निकालनी शुरू कर दीं। लोगों का कहना था कि जिस इंसान के पास खुद अंग्रेजी में मास्टर डिग्री हो, उससे ऐसी बचकानी गलतियों की उम्मीद बिल्कुल नहीं की जाती। कई यूजर्स ने तो उनकी पोस्ट की लाइनों को कॉपी करके बाकायदा यह तक बता डाला कि एक सही अंग्रेजी वाक्य को कैसे लिखा जाना चाहिए था।
‘डिग्री’ और ‘पीएचडी’ पर खूब उड़ी खिल्ली
पोस्ट के वायरल होते ही सोशल मीडिया पर यूजर्स उन्हें अंग्रेजी पढ़ाने लगे। लोगों ने बड़ी बारीकी से गलती पकड़ते हुए बताया कि अर्पिता को अपनी पोस्ट में “having two master’s degree” की जगह “having two master’s degrees” लिखना चाहिए था। इसी तरह “pursuing PhD” की जगह व्याकरण के हिसाब से “pursuing a PhD” लिखना सही माना जाता है। लोगों ने मजे लेते हुए कमेंट सेक्शन को भर दिया और लिखा कि राजनीति पर तो पता नहीं क्या ही बहस हुई, लेकिन मैडम की पोस्ट पढ़कर कई लोगों का इंग्लिश ग्रामर जरूर मजबूत हो गया है।

इंटरनेट पर छिड़ी बहस, दो धड़ों में बंटी जनता
हालांकि, इस पूरी फजीहत के बीच इंटरनेट की जनता दो अलग-अलग धड़ों में बंट गई है। एक तरफ जहां भारी संख्या में लोग उनकी काबिलियत का मजाक उड़ा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कुछ लोगों ने उनका खुलकर बचाव भी किया है। अर्पिता का समर्थन कर रहे यूजर्स का कहना है कि सोशल मीडिया पर टाइप करते समय छोटी-मोटी ग्रामर की गलतियां किसी से भी हो सकती हैं। सिर्फ एक सोशल मीडिया पोस्ट में हुई गलती के आधार पर किसी भी व्यक्ति की सालों की मेहनत और उसकी योग्यता पर सवालिया निशान खड़े करना गलत है। फिलहाल, यह पोस्ट इंटरनेट पर आग की तरह फैल रही है और लोग इस पर जमकर चटकारे ले रहे हैं।


