Monday, April 20, 2026
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नवम पातशाह श्री गुरु तेग बहादर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित पंजाब सरकार के समारोहों की श्रृंखला का शुभारंभ गुरुद्वारा सीस गंज साहिब में अरदास से होगा

नवम पातशाह श्री गुरु तेग बहादर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित मुख्य मंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार द्वारा आयोजित समारोहों की श्रृंखला का शुभारंभ 25 अक्टूबर को राष्ट्रीय राजधानी स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारा सीस गंज साहिब में अरदास के साथ किया जाएगा।

आज यहां पंजाब भवन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस, पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों की मंत्री तरुनप्रीत सिंह सौंद और विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने बताया कि पंजाब सरकार ने इस अवसर पर एक माह तक चलने वाले आयोजनों की रूपरेखा तैयार कर ली है।

उन्होंने कहा कि समारोहों की शुरुआत 25 अक्टूबर को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से होगी। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान, सभी कैबिनेट मंत्री और अन्य विशिष्ट हस्तियां गुरुद्वारे में माथा टेकेंगी। इस अवसर पर मुख्यमंत्री भाई मती दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी के शहीदी स्थलों पर जाकर श्रद्धा और सम्मान अर्पित करेंगे—इन तीनों ने गुरु साहिब के प्रति अपनी अटूट श्रद्धा और निष्ठा दिखाते हुए अप्रतिम बलिदान दिया था। उन्होंने बताया कि उसी दिन शाम को गुरुद्वारा श्री रकाब गंज साहिब में विशाल कीर्तन दरबार आयोजित होगा, जिसमें बड़ी संख्या में संगत श्रद्धाभाव से हाज़िरी लगाएगी।

उन्होंने कहा कि दिल्ली में “हिंद की चादर” श्री गुरु तेग बहादर साहिब जी ने मानव अधिकारों की रक्षा और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए जो बलिदान दिया, उसकी मिसाल विश्व इतिहास में कहीं नहीं मिलती। नवम पातशाह सांझीवालता और धर्मनिरपेक्षता के प्रतीक थे, और उनका महान जीवन व दर्शन सम्पूर्ण मानवता के लिए प्रकाश स्तंभ है।

मंत्रियों ने बताया कि 1 नवम्बर से 18 नवम्बर तक पंजाब के सभी जिलों में “लाइट एंड साउंड शो” आयोजित किए जाएंगे, जिनमें गुरु तेग बहादर जी के जीवन और दर्शन को प्रदर्शित किया जाएगा। इसके साथ ही, गुरु साहिब के पावन चरणों से जुड़े नगरों में कीर्तन दरबार भी होंगे। इन समारोहों का उद्देश्य गुरु साहिब के जीवन, उनके दर्शन और मानवता के लिए दिए गए महान बलिदान के बारे में लोगों को जागरूक करना है।

उन्होंने बताया कि 18 नवम्बर को श्रीनगर (जम्मू-कश्मीर) में कीर्तन दरबार आयोजित किया जाएगा। अगले दिन 19 नवम्बर को श्रीनगर से नगर कीर्तन आरंभ होगा, जिसमें सैकड़ों कश्मीरी पंडित भी संगत के साथ शामिल होंगे। यह नगर कीर्तन 19 नवम्बर को जम्मू, 20 नवम्बर को पठानकोट और 21 नवम्बर को होशियारपुर में विश्राम करेगा तथा 22 नवम्बर को श्री आनंदपुर साहिब में संपन्न होगा।

इसी अवधि में 20 नवम्बर को तख्त श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो), फरीदकोट और गुरदासपुर से तीन नगर कीर्तन निकाले जाएंगे, जो 22 नवम्बर को श्री आनंदपुर साहिब में मिलेंगे।

उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक अवसर पर पंजाब सरकार 23 से 25 नवम्बर तक श्री आनंदपुर साहिब में भव्य समारोह आयोजित करेगी। श्रद्धालुओं के ठहराव हेतु ‘चक्क नानकी’ नामक टेंट सिटी बनाई जाएगी, जिसमें प्रतिदिन 15,000 श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था होगी। इस पवित्र नगरी में सर्व धर्म सम्मेलन, प्रदर्शनी और ड्रोन शो भी आयोजित किए जाएंगे, जो गुरु साहिब के जीवन और दर्शन को उजागर करेंगे।

24 नवम्बर को श्री गुरु तेग बहादर जी के शहीदी दिवस को समर्पित पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में आयोजित होगा, जिसमें गुरु साहिब के जीवन, दर्शन, मानवाधिकारों और धार्मिक स्वतंत्रता के लिए उनके बलिदान पर विचार साझा किए जाएंगे।

25 अक्टूबर को गुरुद्वारा सीस गंज साहिब से आरंभ हुए कार्यक्रमों की श्रृंखला का समापन 25 नवम्बर को श्री आनंदपुर साहिब में होगा। उसी दिन राज्य स्तर पर रक्तदान शिविर और वन विभाग द्वारा पौधारोपण अभियान के साथ “सर्वत्र कल्याण एकता” कार्यक्रम भी चलाया जाएगा। इन समारोहों में भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों और विभिन्न देशों के राजदूतों सहित अनेक गणमान्य अतिथियों को आमंत्रित किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि पंजाब के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के लगभग 70 लाख विद्यार्थियों को प्रतिदिन कुछ समय गुरु साहिब के जीवन, दर्शन और बलिदान के बारे में बताया जाएगा।

मंत्रियों ने आगे कहा कि 350वें शहीदी दिवस को श्रद्धा और आदरपूर्वक मनाने के लिए विश्वभर के संत समाज से आशीर्वाद और सुझाव प्राप्त किए गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने आप को सौभाग्यशाली मानती है कि उसके कार्यकाल में यह ऐतिहासिक अवसर आया है। उन्होंने देश-विदेश में बसे सभी श्रद्धालुओं से इन आयोजनों में भाग लेने की अपील की।

इस अवसर पर श्री गुरु तेग बहादर जी के 350वें शहीदी दिवस का प्रतीक-चिह्न (लोगो) भी जारी किया गया।

इस मौके पर दिल्ली के तिलक नगर क्षेत्र के विधायक जरनैल सिंह और पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सचिव अभिनव त्रिखा उपस्थित थे।

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