देश की स्कूली शिक्षा में बड़े बदलाव की प्रक्रिया जारी है। इसी कड़ी में नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च ट्रेनिंग (NCERT) 9वीं से 12वीं कक्षा के लिए नया सिलेबस लागू करने की तैयारियों में जुट गया है। NCERT की एक्सपर्ट कमेटी नए सिलेबस के अनुरूप नई किताबें तैयार कर रही है।
इस बड़े बदलाव के लागू होने के बाद पुराने सिलेबस से पढ़कर आने वाले कुछ छात्रों को एक अनिवार्य ‘ब्रिज कोर्स’ भी करना होगा। बता दें कि इससे पूर्व, एनसीईआरटी कक्षा 1 से 8 तक के नए सिलेबस के अनुरूप किताबें तैयार कर चुका है, जिन्हें स्कूलों में लागू किया जा चुका है।
कब लागू होगा नया सिलेबस और कब आएंगी किताबें?
एनसीईआरटी की योजना के मुताबिक, 9वीं से 12वीं तक का नया सिलेबस शैक्षणिक सत्र 2026-27 से लागू किया जाएगा। इसको देखते हुए नई किताबों पर तेजी से काम चल रहा है।
जानकारी के मुताबिक, 9वीं और 11वीं कक्षा की नई किताबें अगले साल फरवरी तक उपलब्ध हो जाएंगी, जबकि 10वीं और 12वीं की नई किताबें जुलाई तक उपलब्ध होने की संभावना है।
क्यों बदला जा रहा है सिलेबस?
NCERT 9वीं से 12वीं कक्षा का यह नया सिलेबस नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF) के आधार पर तैयार कर रहा है। NCF के अनुसार, नए सिलेबस में कंटेंट (पाठ्य सामग्री) को कम किया गया है। इसकी जगह, छात्रों को एक्टिविटीज (गतिविधियों) और ग्राफिक्स के जरिए सिखाने पर काफी जोर दिया गया है।
क्या है ‘ब्रिज कोर्स’ और किसे करना होगा?
जब नया सिलेबस लागू होगा, तो पुराने और नए सिलेबस के बीच के अंतर को पाटने (Bridge the gap) के लिए कुछ छात्रों को एक ‘ब्रिज कोर्स’ करना अनिवार्य होगा। एनसीईआरटी इसके लिए भी किताबें तैयार कर रहा है।
जानकारी के मुताबिक, जब नया सिलेबस लागू होगा, उस वक्त 11वीं कक्षा में आने वाले (यानी पुराने सिलेबस से 10वीं पास करने वाले) छात्रों को 6 सप्ताह का ब्रिज कोर्स करना होगा। इसी तरह, 9वीं पास करके 10वीं कक्षा में जाने वाले छात्रों को भी यह ब्रिज कोर्स करना होगा, क्योंकि वे 9वीं की पढ़ाई पुराने सिलेबस से करेंगे और 10वीं में उन्हें एकदम नए सिलेबस से पढ़ाया जाएगा।


