Monday, March 9, 2026
Google search engine
Homedelhiमध्य पूर्व जंग पर संसद में बोले विदेश मंत्री जयशंकर-हालात पर पीएम...

मध्य पूर्व जंग पर संसद में बोले विदेश मंत्री जयशंकर-हालात पर पीएम मोदी की नजर

विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “हमारी सरकार ने 20 फरवरी को बयान जारी कर गहरी चिंता जताई थी और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी.

खाड़ी क्षेत्र में फैली अशांति, ईरान पर अमेरिका और इजराइल के हमले को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आज सोमवार को राज्यसभा में कहा कि मध्य पूर्व में जारी युद्ध में मारे गए लोगों को लेकर दुख है. उन्होंने खाड़ी संकट को लेकर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं. भारत क्षेत्र में शांति का पक्षधर है. पीएम मोदी ने खाड़ी के कई देशों से खुद बातचीत की है. हमने ईरानी विदेश मंत्री से बात की. उन्होंने यह भी कहा कि इस इलाके में भारतीय समुदाय की भलाई और सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है.

राज्यसभा में पश्चिम एशिया के हालात पर विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “यहां चल रहा संघर्ष भारत के लिए बेहद चिंता का विषय है. हम पड़ोसी इलाके में आते हैं, और पश्चिम एशिया में स्थिरता बनाए रखना हमारी साफ जिम्मेदारी है. खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते हैं और वहां काम करते हैं. ईरान में भी, कुछ हजार भारतीय पढ़ाई या फिर नौकरी के लिए हैं.” उन्होंने कहा, “यह इलाका हमारी एनर्जी सिक्योरिटी के लिए बहुत जरूरी है और इसमें तेल तथा गैस के कई जरूरी सप्लायर शामिल हैं. सप्लाई चेन में गंभीर रुकावटें और अस्थिरता का माहौल हमारे लिए गंभीर मुद्दे हैं.”

खाड़ी संकट को लेकर विपक्ष का प्रदर्शन

इस बीच खाड़ी संकट और भारत पर इसके पड़ने वाले प्रभाव को लेकर को लेकर कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और कुछ अन्य विपक्षी दलों के नेताओं ने आज सोमवार को संसद परिसर में प्रदर्शन किया, साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर देश हितों के साथ समझौता करने का आरोप लगाया. संसद भवन के पास विरोध प्रदर्शन में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के अलावा अखिलेश यादव और कुछ अन्य दलों के नेता भी शामिल हुए. विपक्ष ने एक बड़ा बैनर भी ले रखा था, जिस पर इंडिया नीड्स लीडरशिप, नॉट साइलेंस (भारत को नेतृत्व की जरूरत, चुप्पी की नहीं) लिखा हुआ था.
विदेश मंत्री ने राज्यसभा में सरकार का पक्ष रखने के बाद लोकसभा में भी ईरान युद्ध को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि भारत सरकार प्रभावित देशों के संपर्क में है. हम ऊर्जा जरूरतों को लेकर सतर्क है. वहां फंसे भारतीयों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है. इसके लिए एडवाइजरी और हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए गए हैं. राज्यसभा की तरह लोकसभा में भी विदेश मंत्री के भाषण के दौरान विपक्ष लगातार हंगामा करते रहे और मध्य पूर्व संकट पर सदन में चर्चा कराने की मांग रहा है.

पश्चिम एशिया के हालात चिंताजनकः जयशंकर

उन्होंने आगे कहा, “संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है, और इलाके में सुरक्षा की स्थिति काफी खराब हो गई है. यह संघर्ष दूसरे देशों में भी फैल गया है और तबाही भी बढ़ रही है. इस जंग की वजह से आम जिंदगी और काम-काज पर साफ असर पड़ रहा है.” विदेश मंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया के हालात हम सभी के लिए चिंता का विषय है.
मध्य पूर्व में जंग के हालात और ईरान में फंसे भारतीयों को लेकर विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने कहा, “भारतीय दूतावास ने तेहरान में कई भारतीय छात्रों को सुरक्षित बाहर की जगहों पर शिफ्ट करने में मदद की है.ईरान में बिजनेस के सिलसिले में आए भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया पार करके भारत लौटने में मदद की गई.” उन्होंने यह भी बताया कि तेहरान में हमारा दूतावास पूरी तरह चालू है और हाई अलर्ट पर है. हम इस समय भारतीय समुदाय की मदद के लिए प्रतिबद्ध है.”
संकटग्रस्त क्षेत्र से भारतीयों की सकुशल वापसी का जिक्र करते हुए विदेश मंत्री डॉ. जयशंकर ने कहा, “कल तक हमारे करीब 67,000 नागरिक लौटने के लिए अंतरराष्ट्रीय बॉर्डर पार कर चुके हैं. पश्चिम एशिया से हमारे लोगों को वापस लाने की पूरी कोशिश की जा रही है.”

शांति और बातचीत के पक्ष में भारतः जयशंकर

खाड़ी क्षेत्र में जल्द से जल्द हालात के सामान्य होने की बात करते हुए विदेश मंत्री जयशंकर ने कहा, “भारत शांति, बातचीत और कूटनीति की वापसी के पक्ष में है.” उन्होंने कहा कि भारत क्षेत्र में तनाव कम करने, संयम बरतने और आम लोगों की सुरक्षा पक्की करने की वकालत करता है.
इससे पहले सदन में विपक्षी सांसदों की नारेबाजी के बीच, विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया के हालात पर राज्यसभा में अपने बयान में कहा, “हमारी सरकार ने 20 फरवरी को बयान जारी कर गहरी चिंता जताई थी और सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की थी. हमारा मानना ​​है कि तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति को आगे बढ़ाना चाहिए.”
अमेरिका और इजराइल ने 28 फरवरी को ईरान पर हमला किया तो तेहरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए कई पड़ोसी देशों के साथ-साथ इजराइल में कई अमेरिकी ठिकानों पर हमला कर दिया, इससे क्षेत्र में फैली तनातनी और जंग की वजह से एनर्जी की कीमतों में आई तेजी को लेकर उन्होंने कहा कि सरकार एनर्जी सिक्योरिटी सुरक्षित करने के लिए प्रतिबद्ध है, जिसमें एनर्जी मार्केट की उपलब्धता, लागत और जोखिमों का पूरी तरह से ध्यान रखा जाता है.
Partners: lemon casino https://lemoncasino77.com/ https://amunra77.com/ https://lemoncasinode.com/ https://amunrafr.com/ lemon casino smokace no deposit casinozer amunra https://legzo77.com/
RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments