अमेरिका और ईरान के बीच भड़की युद्ध की आग अब पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर धकेलती नजर आ रही है। ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद तेहरान बदले की आग में जल रहा है। ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने अब सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को खौफनाक अंजाम भुगतने की खुली धमकी दी है। दूसरी तरफ, 175 लोगों (ज्यादातर बच्चों) की मौत के मामले में अमेरिका ने जो चौंकाने वाला दावा किया है, उसने इस पूरे तनाव को और भी ज्यादा भड़का दिया है।
अयातुल्ला अली खामेनेई के बेहद करीबी माने जाने वाले ईरान के सिक्योरिटी चीफ अली लारीजानी ने रविवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अमेरिका के खिलाफ जमकर जहर उगला। लारीजानी ने साफ शब्दों में चेतावनी देते हुए लिखा कि ईरान अपने सुप्रीम लीडर और निर्दोष नागरिकों के खून का बदला हर हाल में लेगा। उन्होंने सीधे तौर पर अमेरिकी राष्ट्रपति को निशाने पर लेते हुए कहा कि ट्रंप को इस जघन्य हत्या की भारी कीमत चुकानी ही होगी और ईरान यह सुनिश्चित करेगा।
‘मैं उसे जानता तक नहीं…’, धमकियों पर अमेरिकी राष्ट्रपति का करारा जवाब
ईरान की इस भयंकर धमकी के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी। सीबीएस न्यूज से बातचीत करते हुए ट्रंप ने लारीजानी की धमकियों को सिरे से खारिज कर दिया। ट्रंप ने बेबाकी से कहा कि वह नहीं जानते कि लारीजानी कौन हैं और वह किस बारे में बात कर रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने दो टूक शब्दों में कहा कि उन्हें इन धमकियों से कोई फर्क नहीं पड़ता क्योंकि लारीजानी पहले ही यह जंग हार चुके हैं। ट्रंप ने साफ किया कि ईरान पर अमेरिकी हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक तेहरान बिना शर्त सरेंडर नहीं कर देता।
28 फरवरी से भड़की है युद्ध की आग, खाड़ी देशों पर बरस रहीं मिसाइलें
आपको बता दें कि 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने मिलकर ईरान की राजधानी तेहरान में कई ताबड़तोड़ हमले किए थे। इन्हीं हमलों में अली खामेनेई समेत कई शीर्ष नेताओं को मौत के घाट उतार दिया गया था। इसके बाद से ही तिलमिलाया ईरान खाड़ी देशों पर लगातार मिसाइलों और ड्रोन से हमले कर रहा है। दुबई, बहरीन, कुवैत और कतर समेत कई जगहों पर ईरान के हमलों से भारी तबाही मची है और उसने अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी अपना निशाना बनाया है।
स्कूल पर हमले में 175 मासूमों की मौत, ट्रंप ने ईरान पर ही फोड़ा ठीकरा
इस खूनी संघर्ष के बीच दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर में एक लड़कियों के प्राथमिक विद्यालय पर हुए हमले ने पूरी दुनिया को झकझोर कर रख दिया है। इस भयानक हमले में 175 लोगों की दर्दनाक मौत हुई है, जिनमें ज्यादातर मासूम बच्चियां शामिल हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस नरसंहार में अमेरिका का हाथ होने से साफ इनकार किया है। ट्रंप ने बड़ा दावा करते हुए कहा कि यह भयंकर तबाही खुद ईरान की ही एक त्रुटिपूर्ण (खराब) मिसाइल गिरने की वजह से हुई है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया के खुलासे से मची सनसनी, पड़ोसियों को भी अल्टीमेटम
भले ही ट्रंप इस स्कूल हमले से पल्ला झाड़ रहे हों, लेकिन सीएनएन, न्यूयॉर्क टाइम्स और वॉशिंगटन पोस्ट जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों की पड़ताल में कुछ और ही खौफनाक सच सामने आ रहा है। सैटेलाइट तस्वीरों और विजुअल सबूतों के आधार पर रिपोर्टों में दावा किया गया है कि 28 फरवरी को आईआरजीसी के ठिकानों पर अमेरिकी हमलों के दौरान ही इस स्कूल को निशाना बनाया गया था। इस बीच, लारीजानी ने अपने पड़ोसी देशों को भी सख्त अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि वे अमेरिका को ईरान के खिलाफ अपनी जमीन का इस्तेमाल करने से रोकें, वरना ईरान के पास उन पर भी हमला करने के अलावा कोई चारा नहीं बचेगा।


