Monday, October 26, 2026
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हिंदू नववर्ष केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का प्रतीकः मनीष सिसोदिया

पंजाब सरकार द्वारा हिंदू नववर्ष संवत समारोह जिला पठानकोट के रामलीला ग्राउंड में आयोजित किया गया, जिसकी अध्यक्षता सनातन हिंदू संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शर्मा ने की। समारोह में आम आदमी पार्टी पंजाब के इंचार्ज मनीष सिसोदिया, पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, कैबिनेट मंत्री लाल चंद कटारूचक्क तथा पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली विशेष रूप से उपस्थित रहे। समारोह की शुरुआत से पहले पंजाबी गायक रोशन प्रिंस ने हिंदू संस्कृति और सनातन पर आधारित भजन प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम के शुभारंभ पर मुख्य अतिथियों और विशिष्ट मेहमानों द्वारा मंच पर विराजमान संतों और सनातन प्रमुखों को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।

इस विशाल समारोह में धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। यह कार्यक्रम पहली बार पंजाब सरकार द्वारा सरकारी स्तर पर आयोजित किया गया, जिससे इसकी महत्ता और बढ़ गई। समारोह में विभिन्न धार्मिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और जिले के बुद्धिजीवियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम की शुरुआत धार्मिक मर्यादा के अनुसार की गई और मंच पर उपस्थित संत-महापुरुषों ने सभी को नववर्ष का आशीर्वाद दिया। इस अवसर पर पूरा वातावरण आध्यात्मिक और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर था। समारोह को संबोधित करते हुए दीपक बाली ने भावुक अंदाज में कहा कि आज का दिन पंजाब के लिए सिर्फ खुशी का नहीं, बल्कि ऐतिहासिक और युगांतरकारी है। आजादी के 75 वर्षों में पहली बार किसी सरकार ने सनातन संस्कृति को समर्पित नववर्ष संवत का राज्य स्तरीय आयोजन किया है।
उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार की सराहना करते हुए कहा कि यह सरकार की समावेशी और सर्वधर्म समभाव की नीति का प्रमाण है। जहां पूर्व सरकारों ने हिंदू समाज की भावनाओं को नजरअंदाज किया, वहीं वर्तमान सरकार ने एक नया इतिहास रचा है।
उन्होंने कहा कि सरकार सभी धर्मों और संस्कृतियों को समान सम्मान देती है। उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा ने कभी इस दिशा में पहल नहीं की, जबकि आम आदमी पार्टी ने इसे करके दिखाया। मनीष सिसोदिया ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदू नववर्ष केवल एक त्योहार नहीं, बल्कि हमारी प्राचीन संस्कृति, परंपराओं और जीवन मूल्यों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि इसे पहली बार सरकारी स्तर पर मनाना इस बात का प्रमाण है कि सरकार अपनी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित और प्रोत्साहित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने आगे कहा कि सनातन परंपरा केवल धार्मिक अवधारणा नहीं, बल्कि एक जीवनशैली है, जो हमें सहिष्णुता, सम्मान और सर्वजन हित की शिक्षा देती है। लाल चंद कटारूचक्क ने कहा कि पंजाब हमेशा से भाईचारे और धार्मिक सहिष्णुता की मिसाल रहा है। उन्होंने कहा कि विभाजनकारी सोच समाज के लिए हानिकारक है और सभी को मिलकर एकता और प्रेम का संदेश फैलाना चाहिए।

उन्होंने यह भी कहा कि धर्म का वास्तविक उद्देश्य मानवता की सेवा है और हमें अपने कर्मों से समाज में सकारात्मक बदलाव लाना चाहिए।
अमन अरोड़ा ने संत समाज की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा कि संतों ने हमेशा लोगों को आध्यात्मिक मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी है।
उन्होंने कहा कि नववर्ष हमें आत्मचिंतन का अवसर देता है और हमें अपनी कमियों को दूर कर सच्चाई, ईमानदारी और नैतिक मूल्यों को अपनाना चाहिए। अंत में सभी अतिथियों और उपस्थित लोगों का धन्यवाद किया गया और सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं दी गईं। समारोह के अंत में खुशी और उत्साह का माहौल देखने को मिला। इस अवसर पर सनातन सेवा समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष विजय शर्मा और रोहित स्याल भी उपस्थित रहे।
इस प्रकार रामलीला ग्राउंड, पठानकोट में आयोजित यह समारोह न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि सामाजिक एकता, भाईचारे और सांस्कृतिक विरासत को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम साबित हुआ।

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