गुजरात के राजकोट में 2500 करोड़ रुपये के बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा हुआ है। इस मामले में निजी बैंकों के अधिकारियों की संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इसके साथ ही कुल गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। राजकोट (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक विजय गुर्जर के अनुसार, पाधाधरी स्थित यस बैंक के पर्सनल मैनेजर मौलिक कामानी, जामनगर स्थित एक्सिस बैंक के मैनेजर कल्पेश डांगरिया और एचडीएफसी बैंक के पर्सनल बैंकर अनुराग बाल्धा को गिरफ्तार किया गया है।
जांच में सामने आया है कि मौलिक कामानी ने पहले से गिरफ्तार आरोपियों की मदद करते हुए संदिग्ध बैंक खाते खुलवाए और उनका संचालन किया। उसने विभिन्न दस्तावेजों का उपयोग कर इन खातों को सक्रिय बनाए रखा, जिससे बड़ी रकम के लेन-देन पर बैंक अलर्ट को नजरअंदाज किया जा सके।
वहीं कल्पेश डांगरिया ने फर्जी पहचान के आधार पर खाते खुलवाने में भूमिका निभाई, जबकि अनुराग बाल्धा ने सत्यापन और प्रमाणन प्रक्रिया पूरी कर नए खातों को वैध रूप देने में मदद की। तीनों आरोपी खातों से नकदी निकालकर हवाला नेटवर्क के जरिए रकम आगे पहुंचाने में भी शामिल थे।
पुलिस ने बताया कि अब तक इस रैकेट से जुड़े 85 बैंक खातों की पहचान की जा चुकी है और साइबर क्राइम पोर्टल पर 535 शिकायतें दर्ज हुई हैं। सभी आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की जांच जारी है।
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