केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार ने सोने के बढ़ते आयात बिल पर लगाम लगाने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने ड्यूटी-फ्री सोने के आयात के नियमों को सख्त करते हुए अब प्रति लाइसेंस 100 किलोग्राम की अधिकतम सीमा तय कर दी है। ये नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू कर दिए गए हैं। गौरतलब है कि सरकार ने महज एक दिन पहले ही सोने पर आयात शुल्क को 6 प्रतिशत से बढ़ाकर सीधे 15 प्रतिशत कर दिया था। यह कड़ा फैसला रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुके आयात बिल को नियंत्रित करने के व्यापक प्रयासों का एक अहम हिस्सा है।
विदेशी मुद्रा बचाने के लिए पीएम मोदी की अपील
पश्चिम एशिया में चल रहे भारी तनाव और संकट के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से मितव्ययिता अपनाने की खास अपील की है। पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि सरकार आम लोगों को इस वैश्विक संकट के नकारात्मक प्रभावों से बचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जिसके लिए कुछ कड़े और जरूरी कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने नागरिकों से सीधे तौर पर विदेशी मुद्रा भंडार के संरक्षण में सरकार का सहयोग करने का आह्वान किया है। उनका कहना है कि मौजूदा संकट को देखते हुए हमें हर हाल में विदेशी मुद्रा बचाने पर अपना पूरा जोर देना होगा।
‘देशहित में न खरीदें सोने के गहने’
प्रधानमंत्री ने इस बात पर विशेष रूप से जोर दिया कि सोने की भारी खरीद में देश की बहुत बड़ी विदेशी मुद्रा खर्च हो जाती है। पुराने समय का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि एक दौर ऐसा भी था जब देश पर कोई संकट या युद्ध के हालात आते थे, तो लोग अपना सोना राष्ट्र को दान कर देते थे। उन्होंने कहा कि आज सोना दान देने की जरूरत नहीं है, लेकिन देशहित में नागरिकों को यह संकल्प लेना होगा कि वे किसी भी समारोह या कार्यक्रम के लिए फिलहाल सोने के गहने न खरीदें। पीएम मोदी ने कहा कि विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति हमें चुनौती दे रही है और हमें इस चुनौती को सहर्ष स्वीकार करते हुए देश के लिए विदेशी मुद्रा को बचाना ही होगा।


