शुक्रवार को केंद्र सरकार ने पूरे देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये प्रति लीटर की वृद्धि की है। इसके साथ ही सीएनजी के दाम भी दो रुपये बढ़ा दिए गए हैं। इस वृद्धि को लेकर कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है।
कांग्रेस पार्टी ने देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तीखा हमला बोला है। कांग्रेस ने कहा कि केंद्र सरकार ने पेट्रोल और डीजल की कीमतों में तीन रुपये की बढ़ोतरी करके जनता पर करारा प्रहार किया है। कांग्रेस ने ईंधन की कीमतों में इस वृद्धि को चार राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में विधानसभा चुनाव संपन्न होने से जोड़ते हुए कहा कि चुनाव के बाद पीएम मोदी की वसूली शुरू हो गई है।
कितने बढ़े दाम और अब क्या हैं कीमतें?
दिल्ली में पेट्रोल की कीमत 94.77 रुपये से बढ़कर 97.77 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं, डीजल का दाम 87.67 रुपये से बढ़कर 90.67 रुपये प्रति लीटर हो गया है। यह वृद्धि ऐसे समय में हुई है जब दुनिया पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ऊर्जा संकट का सामना कर रही है। इस संघर्ष से महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकेबंदी हुई है। ब्रेंट तेल की कीमतें 28 फरवरी को शुरू हुए अमेरिका-इस्राइल और ईरान युद्ध के बाद रिकॉर्ड उच्च स्तर पर हैं।
ऊर्जा संकट और वैश्विक प्रभाव
ब्रेंट तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई है। अमेरिका और ईरान क्षेत्र में दीर्घकालिक युद्धविराम के लिए मध्यस्थता का प्रयास कर रहे हैं। युद्ध के दायरे में पश्चिम एशियाई देश भी आ गए हैं। ये देश ईंधन के प्रमुख आपूर्तिकर्ता हैं। इससे वैश्विक ऊर्जा बाजार में अस्थिरता बढ़ी है। हालांकि, भारत सरकार ने कहा है कि देश में ईंधन की कोई कमी नहीं है। सरकार के पास पर्याप्त ऊर्जा आपूर्ति मौजूद है। कांग्रेस ने ईंधन संरक्षण के आह्वान के बीच इस वृद्धि पर सवाल उठाए हैं।


