पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को अपने गृह जिले धूरी (संगरूर) से बहुप्रतीक्षित ‘मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना’ लॉन्च की। इस योजना के तहत लाभार्थी महिलाओं के खातों में तीन महीने की सम्मान राशि एकमुश्त जमा की गई। करीब 1100 करोड़ सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में ट्रांसफर किए गए।
योजना के तहत 18 वर्ष या उससे अधिक आयु की महिलाओं को लाभ दिया गया है। सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1,000 प्रति माह और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं को 1,500 प्रति माह की सहायता राशि दी जाएगी। पहली बार सरकार ने तीन महीने की किस्त एक साथ जारी की है। इसके तहत सामान्य वर्ग की महिलाओं के खातों में 3,000, जबकि SC वर्ग की महिलाओं के खातों में 4,500 जमा किए गए।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक करीब 40 लाख महिलाओं का पंजीकरण हो चुका है। उन्होंने कहा कि जारी की गई राशि जुलाई, अगस्त और सितंबर की किस्तों के रूप में दी गई है। सभा के दौरान एक महिला लाभार्थी मंच पर पहुंची और अपने मोबाइल पर आए 4,500 के बैंक संदेश को मुख्यमंत्री को दिखाया। मुख्यमंत्री ने संदेश पढ़कर इसकी पुष्टि की। महिला ने बताया कि उसकी चार बेटियां हैं और यह राशि उनकी पढ़ाई व अन्य जरूरतों को पूरा करने में मदद करेगी। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि सरकार महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है और यह योजना लाखों परिवारों के लिए राहत साबित होगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पिछले दिनों कहा था कि उनकी सरकार लगातार जनकल्याणकारी योजनाओं को लागू कर रही है। राज्य में घरों को मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई गई है, बिना भ्रष्टाचार के 68 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, सड़कों का विकास किया गया है और कई टोल प्लाजा बंद कर प्रतिदिन लगभग 70 लाख की बचत सुनिश्चित की गई है। शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है।
पंजाब की माताओं और बहनों के लिए बड़ा दिन
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर पोस्ट कर कहा कि आज पंजाब की माताओं और बहनों के लिए बहुत बड़ा दिन है। अब तक सबने पंजाब को लूटा। भगवंत मान पहले CM हैं जिन्होंने पंजाब को नहीं लूटा। सारा सरकारी पैसा लोगों तक पहुंचाया।
गौरतलब है कि आम आदमी पार्टी ने 2022 के विधानसभा चुनाव के दौरान महिलाओं को मासिक आर्थिक सहायता देने का वादा किया था। अब विधानसभा चुनाव से पहले सरकार ने इस योजना को लागू कर अपने चुनावी वादे को पूरा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इस योजना के लिए राज्य सरकार ने चालू वित्त वर्ष के बजट में 9,300 करोड़ का प्रावधान किया है।


