Friday, October 30, 2026
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अवैध बांग्लादेशी-रोहिंग्या नेटवर्क पर ED की बड़ी कार्रवाई, पांच राज्यों में छापे; नकदी और सोना बरामद

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध बांग्लादेशी और रोहिंग्या नागरिकों को भारत में बसाने से जुड़े कथित नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, पश्चिम बंगाल और महाराष्ट्र में एक साथ छापेमारी की। एजेंसी का दावा है कि यह नेटवर्क विदेशों से प्राप्त धन का इस्तेमाल कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज तैयार कराने, अवैध घुसपैठियों को देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने और उनकी आजीविका की व्यवस्था करने में कर रहा था। जांच एजेंसी को इस नेटवर्क के तार आतंकी फंडिंग से जुड़े होने का भी संदेह है, जिसकी जांच जारी है।

ईडी के अनुसार, छापेमारी के दौरान पश्चिम बंगाल के कलिकापुर स्थित हरोरा अल-जामियातुल इस्लामिया दारुल उलूम से 40 लाख रुपये नकद और 180 ग्राम सोने के सिक्के बरामद किए गए। धनशोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत उत्तर प्रदेश के सहारनपुर (देवबंद), दिल्ली के जामिया नगर, हरियाणा के बल्लभगढ़, पश्चिम बंगाल के दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना और मुर्शिदाबाद तथा महाराष्ट्र के रायगढ़ सहित 13 स्थानों पर एक साथ कार्रवाई की गई।

जांच के दौरान ईडी ने कई दस्तावेज और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। अधिकारियों के मुताबिक, एजेंसी ऐसे कथित गिरोह की जांच कर रही है, जो विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम (FCRA) के तहत पंजीकृत कुछ ट्रस्टों और स्वयंसेवी संस्थाओं के माध्यम से काम कर रहा था।

ईडी कुछ ट्रस्टों, स्वयंसेवी संस्थाओं और शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े वित्तीय लेन-देन की भी जांच कर रही है। एजेंसी को संदेह है कि कुछ संस्थाओं के जरिए छोटी-छोटी किस्तों में बड़ी रकम का लेन-देन किया गया। कई बैंक खातों और कथित रेंट अकाउंट के इस्तेमाल की भी जांच की जा रही है।

यह कार्रवाई वर्ष 2024 में दर्ज उस मामले पर आधारित है, जिसे उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (UP ATS) ने दर्ज किया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि एक संगठित गिरोह रोहिंग्या और बांग्लादेशी नागरिकों को भारत में अवैध रूप से प्रवेश दिलाने, उनके लिए आधार, पैन और पासपोर्ट जैसे फर्जी पहचान दस्तावेज तैयार कराने तथा उन्हें देश के विभिन्न हिस्सों में बसाने में मदद कर रहा था।

ईडी के मुताबिक, जांच में सामने आया है कि संदिग्धों को भारत में बसाने के लिए 6 हजार, 8 हजार और 10 हजार रुपये जैसी छोटी-छोटी किस्तों में धनराशि भेजी गई। एजेंसी का कहना है कि विदेशी चंदे, बैंक खातों, बिचौलियों और जटिल वित्तीय लेन-देन के जरिए धन के प्रवाह की विस्तृत जांच की जा रही है।

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