Friday, October 16, 2026
Google search engine
HomeदेशPM मोदी ने देश को समर्पित किया 20,700 करोड़ का फ्रेट कॉरिडोर,...

PM मोदी ने देश को समर्पित किया 20,700 करोड़ का फ्रेट कॉरिडोर, माल ढुलाई में दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा रेलवे सिस्टम बना भारत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को गुजरात के वडोदरा से वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन अत्यंत महत्वपूर्ण और बड़े सेक्शंस का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित कर दिया। करीब 20,700 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से तैयार किए गए ये तीनों सेक्शन कुल 326 रूट किलोमीटर में फैले हैं। इन नए रेल खंडों के चालू होते ही भारत का महत्वाकांक्षी डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (DFC) नेटवर्क अब अपनी पूरी लंबाई में पूरी तरह संचालित हो गया है। इसके साथ ही देश के औद्योगिक केंद्रों का पश्चिमी बंदरगाहों से सीधा और निर्बाध संपर्क स्थापित हो गया है।

साणंद से JNPT तक बिछा हाईटेक ट्रैक, मुंबई नेटवर्क पर कम होगा भारी ट्रैफिक

नवनिर्मित सेक्शंस में न्यू साणंद (N)-न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-न्यू JNPT शामिल हैं। इनके जुड़ने से 1,506 किलोमीटर लंबा वेस्टर्न कॉरिडोर अब सीधे जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) तक पहुंच गया है। इससे आयात-निर्यात (EXIM) कार्गो की आवाजाही को रिकॉर्ड गति मिलेगी और मुंबई के व्यस्त उपनगरीय रेलवे नेटवर्क पर मालगाड़ियों का दबाव खत्म होगा। इससे पहले 1,337 किलोमीटर लंबा ईस्टर्न कॉरिडोर (लुधियाना से सोननगर) पहले ही शुरू किया जा चुका है। दोनों कॉरिडोर मिलकर वर्तमान में रोजाना औसतन 443 मालगाड़ियों का तीव्र और सुरक्षित संचालन कर रहे हैं।

डबल स्टैक ट्रेनों से लॉजिस्टिक्स लागत में गिरावट, पैसेंजर ट्रेनों के लिए ट्रैक हुए खाली

डेडिकेटेड फ्रेट ट्रैक पर मालगाड़ियों के शिफ्ट होने से पारंपरिक पटरियों पर क्षमता खाली हो गई है, जिससे आम यात्री ट्रेनों की गति और समयबद्धता में बड़ा सुधार देखने को मिलेगा। डबल स्टैक कंटेनर (DSC) और भारी एक्सल लोड वाली सुपरफास्ट मालगाड़ियों के चलने से सामान ढुलाई के समय और लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आई है। वर्ष 2025-26 के दौरान भारतीय रेलवे की माल ढुलाई बढ़कर रिकॉर्ड 1,670 मीट्रिक टन तक पहुंच चुकी है, जिसने भारतीय रेल को विश्व का दूसरा सबसे बड़ा माल वाहक रेल नेटवर्क बना दिया है।

सूरत से डंकुनी तक नया कॉरिडोर होगा तैयार, डोर-टू-डोर डिलीवरी पर रेलवे का फोकस

लॉजिस्टिक्स क्रांति को अगले स्तर पर ले जाने के लिए केंद्र सरकार ने बजट में पूर्व में पश्चिम बंगाल के डंकुनी से लेकर पश्चिम में गुजरात के सूरत को जोड़ने वाले एक और नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर की घोषणा की है, जिसकी विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की जा रही है। इसके अलावा रेलवे ‘गति शक्ति मल्टी-मॉडल कार्गो टर्मिनल’ पॉलिसी के तहत निजी निवेश को बढ़ावा दे रहा है। विशेष रूप से सीमेंट, स्टील और तेल ढुलाई के लिए नए वैगन उतारे जा रहे हैं, जबकि इंडिया पोस्ट और कॉनकोर (CONCOR) के जरिए दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे महानगरों के बीच डोर-टू-डोर पार्सल डिलीवरी की हाईटेक सेवाएं भी शुरू कर दी गई हैं।

RELATED ARTICLES

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -
Google search engine

Most Popular

Recent Comments