भारतीय वायुसेना (IAF) प्रमुख एयर चीफ मार्शल एपी सिंह ने मंगलवार को अपनी सेवा के अंतिम पड़ाव पर एक बेहद भावुक और यादगार उड़ान भरी। इस महीने के अंत में सेवानिवृत्त हो रहे वायुसेना प्रमुख ने हैदराबाद के नजदीक डुंडीगल स्थित प्रतिष्ठित एयर फोर्स एकेडमी (AFA) में ‘किरण’ ट्रेनर विमान से अपनी आखिरी ट्रेनर सॉर्टी पूरी की। उड़ान पूरी कर रनवे पर उतरने के बाद वायुसेना की परंपरा के अनुसार उन्हें भव्य ‘वाटर कैनन सैल्यूट’ देकर सम्मानित किया गया।
40 साल पहले के गुरु के साथ कॉकपिट में भरी उड़ान
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह के लिए यह पल पुरानी यादों को जीवंत करने वाला था। उन्होंने एकेडमी में अपने पूर्व फ्लाइंग इंस्ट्रक्टर रहे विंग कमांडर (रिटायर्ड) वीएस कोचर के साथ इस ट्रेनर विमान में उड़ान भरी। डुंडीगल एकेडमी वही ऐतिहासिक जगह है, जहां से चार दशक पहले उनके शानदार फ्लाइंग करियर की नींव पड़ी थी और उन्होंने शुरुआती दिनों में इसी ‘किरण’ एयरक्राफ्ट से आसमान नापना सीखा था।
1984 में बने थे ‘स्वोर्ड ऑफ ऑनर’
एयर चीफ मार्शल एपी सिंह का इस संस्थान से गहरा जुड़ाव रहा है। वह वर्ष 1984 में एयर फोर्स एकेडमी से प्रतिष्ठित ‘स्वोर्ड ऑफ ऑनर’ हासिल कर वायुसेना में कमीशंड हुए थे। एकेडमी से लेकर वायुसेना के शीर्ष पद तक का उनका सफर भारतीय सैन्य इतिहास की सबसे गौरवशाली यात्राओं में से एक रहा है।
12 अक्टूबर को तेजस से भरी थी अंतिम फाइटर सॉर्टी
ट्रेनर विमान की इस विदाई उड़ान से पहले वायुसेना प्रमुख ने अपनी आखिरी फाइटर जेट सॉर्टी 12 अक्टूबर को पूरी की थी। जोधपुर एयर फोर्स स्टेशन पर बहुराष्ट्रीय युद्धाभ्यास ‘एक्सरसाइज तरंग शक्ति’ के दौरान उन्होंने भारत के स्वदेशी लड़ाकू विमान ‘तेजस’ में उड़ान भरकर देश की स्वदेशी रक्षा क्षमता पर अपना गहरा भरोसा जताया था।


