पंजाब सरकार ने राज्य के ग्रामीण और शहरी इलाकों के बीच आवागमन को सुगम बनाने और किसानों व आम नागरिकों की राह आसान करने के उद्देश्य से ‘सड़क एवं कनेक्टिविटी इंफ्रास्ट्रक्चर’ के क्षेत्र में ऐतिहासिक काम किया है। इस प्रोजेक्ट के तहत राज्य भर की लगभग 19,876 किलोमीटर लंबी ग्रामीण लिंक सड़कों (Rural Link Roads) के नवीनीकरण, चौड़ीकरण और मरम्मत की प्रक्रिया को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया गया है।
इस योजना के प्रमुख बिंदु और बड़ी बातें:
भारी-भरकम बजट आवंटन: राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण सड़कों के इस विशाल नेटवर्क के कायाकल्प के लिए ₹7,600 करोड़ से अधिक का बजट निर्धारित किया गया, जिसके माध्यम से लोक निर्माण विभाग (PWD) और पंजाब मंडी बोर्ड के जरिए सड़कों का कायाकल्प किया गया।
5 साल की रखरखाव (Maintenance) गारंटी: पहली बार ठेकेदारों और एजेंसियों के लिए काम पूरा होने के बाद 5 साल की रखरखाव गारंटी की शर्त लागू की गई है। इससे सड़कों की गुणवत्ता लंबे समय तक बनी रहेगी और बार-बार खराब होने की समस्या खत्म होगी।
कोहरे और रात के सफर के लिए रोड सेफ्टी फीचर: धुंध और कोहरे में हादसों को रोकने के लिए लिंक रोड्स के दोनों ओर रिफ्लेक्टिव एज लाइन्स, ल्यूमिनस लेन मार्किंग और सफेद पट्टियां (White Strips) लगाई गई हैं। साथ ही हर 2 किलोमीटर पर साइनबोर्ड लगाए गए हैं।
निगरानी और एआई सर्वे से पारदर्शता: AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित रोड मैपिंग और सर्वे तकनीक के जरिए फर्जीवाड़े पर रोक लगाई गई। निर्माण की गुणवत्ता जांचने के लिए ‘फ्लाइंग स्क्वाड’ तैनात किए गए और गांवों से संतुष्टि प्रस्ताव (Village Resolution) मिलने के बाद ही अंतिम भुगतान को मंजूरी दी गई।
1,200 नई बसों का बेड़ा: केवल सड़कों की मरम्मत ही नहीं, बल्कि सार्वजनिक परिवहन को सुचारू बनाने के लिए राज्य परिवहन के बेड़े में 1,200 से अधिक नई बसें शामिल की गईं, जिससे ग्रामीण छात्रों, महिलाओं और दैनिक यात्रियों को बड़ी राहत मिली है।
क्या बदला आम जनता के लिए?
इस इंफ्रास्ट्रक्चर अपग्रेड से पंजाब के दूर-दराज़ गांवों की मंडियों और नजदीकी शहरों तक कनेक्टिविटी काफी बेहतर हुई है। किसानों के लिए अपनी फसल मंडियों तक पहुंचाना तेज और सुरक्षित हो गया है, जिससे उनका समय और डीजल दोनों बच रहा है।


