Monday, October 26, 2026
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शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब का ऐतिहासिक कदम: ₹3,500 करोड़ की लागत से ‘सिख्या क्रांति 2.0’ का आगाज

पंजाब सरकार ने राज्य की स्कूली शिक्षा व्यवस्था को विश्वस्तरीय मानकों पर लाने और बुनियादी ढांचे का पूरी तरह कायाकल्प करने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना ‘सिख्या क्रांति 2.0’ (Sikhya Kranti 2.0) का आधिकारिक शुभारंभ किया है।

शिक्षा बजट में भारी बढ़ोतरी के साथ शुरू की गई इस पहल के तहत राज्य के सरकारी स्कूलों का कायाकल्प कर छात्रों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की शिक्षा, आधुनिक सुविधाएं और रोजगारपरक कौशल प्रदान करने का लक्ष्य तय किया गया है।
योजना की मुख्य झलकियां और प्रमुख प्रावधान
₹3,500 करोड़ का भारी निवेश: इस मिशन को 6 वर्षों की समय-सीमा में लागू किया जाएगा। इसमें ₹2,500 करोड़ का योगदान विश्व बैंक (World Bank) के ऋण सहयोग से और ₹1,000 करोड़ का योगदान पंजाब सरकार द्वारा दिया जा रह

‘स्कूल्स ऑफ हैप्पीनेस’ और रोबोटिक्स-AI लैब्स: ‘स्कूल्स ऑफ एमिनेन्स’ के बाद अब प्राथमिक व माध्यमिक स्तर के स्कूलों को ‘स्कूल्स ऑफ हैप्पीनेस’ के रूप में विकसित किया जाएगा। ग्रामीण स्कूलों में STEM शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए रोबोटिक्स और AI क्लब का गठन किया जा रहा है।

स्किल लैब्स और वोकेशनल एजुकेशन: कक्षा 9वीं से 12वीं तक के छात्रों के लिए उद्योगों की जरूरतों के अनुसार ‘स्किल लैब्स’ स्थापित की जाएंगी। इसमें IT, हॉस्पिटैलिटी, और हेल्थकेयर जैसे क्षेत्रों में सर्टिफाइड कोर्स की पढ़ाई कराई जाएगी।
7.35 लाख छात्रों के लिए करियर मार्गदर्शन: छात्रों को 10वीं व 12वीं के बाद सही करियर चुनने में मदद करने के लिए एक राज्यस्तरीय डिजिटल करियर गाइडेंस पोर्टल और काउंसलिंग सिस्टम तैयार किया जा रहा है।
शिक्षकों को अंतरराष्ट्रीय प्रशिक्षण: योजना के तहत सरकारी अध्यापकों को नई शिक्षण तकनीकों और पेडागोजी (pedagogy) में कुशल बनाने के लिए राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय संस्थानों से विशेष ट्रेनिंग दिलाई जा रही है।
बुनियादी साक्षरता (FLN) पर जोर: ‘निपुण भारत’ (NIPUN Bharat) के तहत कक्षा 3 तक के बच्चों में बुनियादी पढ़ने और गणितीय समझ की दक्षता सुनिश्चित करने के लिए विशेष रणनीति लागू की गई है।
सरकार का विज़न
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट में इस योजना को सामने रखते हुए स्पष्ट किया था कि सरकार केवल स्कूलों की इमारतें नहीं बदल रही, बल्कि आने वाली पीढ़ी के लिए पूरे एजुकेशन इकोसिस्टम को नए सिरे से तैयार कर रही है। इसका मकसद राज्य के युवाओं का पलायन रोकना, रोजगार बढ़ाना और पंजाब को शिक्षा का एक प्रमुख ग्लोबल हब बनाना है।

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